कुदरी हाईस्कूल में चेतना विकास कार्यशाला: शिक्षकों ने मूल्य आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने का लिया संकल्प

गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के कुदरी हाईस्कूल में आयोजित चेतना विकास मूल्य शिक्षा कार्यशाला में शिक्षकों ने नैतिक मूल्यों के प्रसार और विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्धता जताई।

Apr 21, 2026 - 19:54
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कुदरी हाईस्कूल में चेतना विकास कार्यशाला: शिक्षकों ने मूल्य आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने का लिया संकल्प

UNIITED NEWS OF ASIA. आवास कैवर्त l गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के शासकीय हाईस्कूल कुदरी में चेतना विकास मूल्य शिक्षा कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए आयोजित की गई, जिसमें बच्चों के समग्र विकास और उनमें मानवीय मूल्यों के समावेश पर विशेष बल दिया गया है।

इस कार्यक्रम का आयोजन राज्य शैक्षिक एवं अनुसंधान केंद्र तथा अभ्युदय संस्थान अछोटी, जिला दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यशाला में संकुल कुदरी के अंतर्गत आने वाले सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और मूल्य आधारित शिक्षा की आवश्यकता को समझा।

कार्यक्रम की शुरुआत आत्ममंथन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों के साथ की गई, जैसे—“मैंने शिक्षक की जिम्मेदारी क्यों स्वीकारी?”, “एक बच्चे का वास्तविक शिक्षक कौन है?” और “शिक्षक होने का वास्तविक अर्थ क्या है?” इन प्रश्नों पर गहन चर्चा ने शिक्षकों को अपनी भूमिका और कर्तव्यों को नए दृष्टिकोण से समझने का अवसर प्रदान किया।

कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने जीवन को समग्र दृष्टिकोण से देखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीवन को टुकड़ों में नहीं बल्कि संपूर्णता में जीना चाहिए। व्यक्ति का अस्तित्व केवल स्वयं तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह परिवार, समाज और प्रकृति से गहराई से जुड़ा होता है। “सभी के होने से ही मेरा होना सुनिश्चित होता है”—इस विचार को विस्तार से समझाया गया।

प्रशिक्षकों ने वर्तमान समय में बढ़ते अपराध, नैतिक मूल्यों में गिरावट और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी समस्याओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इन चुनौतियों का समाधान चेतना विकास मूल्य शिक्षा के माध्यम से किया जा सकता है। यह शिक्षा विद्यार्थियों में नैतिकता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करती है, जिससे वे समाज के प्रति सजग और उत्तरदायी नागरिक बन सकें।

कार्यशाला में निष्ठा ताम्रकार (सहायक शिक्षक, कुदरी), अंगद कैवर्त (प्राचार्य, मनेंद्रगढ़) और सुदर्शन कैवर्त (शिक्षक, मरवाही) ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने शिक्षकों को यह समझाया कि कक्षा में पढ़ाते समय किस प्रकार सहज रूप से बच्चों में मानवीय मूल्यों का विकास किया जा सकता है।

इस अवसर पर प्राचार्य बी.एल. पात्रे और संकुल समन्वयक सेमलाल साहू सहित सभी शिक्षक उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए इसे अपने शिक्षण कार्य में लागू करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के समापन पर शिक्षकों ने यह प्रतिबद्धता व्यक्त की कि वे विद्यार्थियों में नैतिकता, अनुशासन, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों का विकास करने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे। यह पहल निश्चित रूप से एक सशक्त, जागरूक और मूल्य आधारित समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।