7 मई को ग्राम रोजगार दिवस: चावल महोत्सव और आवास दिवस के साथ योजनाओं का महाअभियान

दुर्ग जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 7 मई को ग्राम रोजगार दिवस, चावल महोत्सव और आवास दिवस का संयुक्त आयोजन होगा। इस दौरान मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े लंबित मामलों का निराकरण और ग्रामीण विकास योजनाओं का व्यापक क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।

May 5, 2026 - 12:59
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7 मई को ग्राम रोजगार दिवस: चावल महोत्सव और आवास दिवस के साथ योजनाओं का महाअभियान

UNITED NEWS OF ASIA. रोहिताश भुवाल, दुर्ग। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में आगामी 7 मई को ग्राम रोजगार दिवस का आयोजन किया जाएगा, जिसे इस बार चावल महोत्सव और आवास दिवस के साथ संयुक्त रूप से मनाया जाएगा। राज्य स्तर से जारी निर्देशों के अनुसार प्रत्येक माह की 7 तारीख को इन तीनों कार्यक्रमों का एकीकृत आयोजन सुनिश्चित किया गया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और जनभागीदारी को बढ़ावा मिल सके।

कलेक्टर अभिजीत सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ग्राम पंचायत स्तर पर इन कार्यक्रमों का आयोजन व्यापक जनभागीदारी के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण विकास को गति देने और आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। विशेष रूप से सुशासन तिहार के अंतर्गत मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से संबंधित लंबित प्रकरणों का ग्राम पंचायत स्तर पर ही शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां आवश्यक होगा, वहां प्रकरणों को विकासखंड और जिला स्तर तक ले जाकर समाधान किया जाएगा।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि रोजगार सह आवास दिवस के दौरान आवास निर्माण कार्यों की समयबद्ध पूर्णता के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इस योजना के तहत स्वीकृत आवासों को अधिकतम 90 दिनों के भीतर पूर्ण करने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही, हितग्राहियों को उनके खातों में हस्तांतरित राशि की जानकारी देकर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।

इसके अतिरिक्त, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को निर्माण सामग्री की आपूर्ति और अन्य आजीविका गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने और लंबित जियो-टैगिंग कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मनरेगा के अंतर्गत प्रगतिरत कार्यों को मई माह में पूर्ण करने और मांग आधारित नए कार्यों को प्रारंभ करने पर विशेष बल दिया गया है।

जल संरक्षण के क्षेत्र में “मोर गांव-मोर पानी” और “नवा तरिया-आय के जरिया” जैसे अभियानों के तहत कार्ययोजना तैयार कर उनका प्रभावी क्रियान्वयन किया जाएगा। इन अभियानों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संसाधनों का संरक्षण और उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों की अनिवार्य सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, साथ ही आजीविका डबरी के माध्यम से आयवर्धन के प्रयास किए जाएंगे। नागरिक सूचना पटलों पर योजनाओं की जानकारी प्रदर्शित की जाएगी और क्यूआर कोड के माध्यम से योजनाओं का प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।

यह संयुक्त आयोजन न केवल ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करेगा, बल्कि पारदर्शिता और जनभागीदारी को भी सशक्त बनाएगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और आमजन को योजनाओं का सीधा लाभ प्राप्त होगा।