ओरमा सरपंच मंजूलता साहू की पहल से दिव्यांग दंपत्ति को मिली बैटरी चालित ट्राइसाइकिल
बालोद जिले के ग्राम ओरमा की सरपंच मंजूलता साहू की पहल से एक दिव्यांग दंपत्ति को बैटरी चालित ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई गई। समाज कल्याण विभाग की त्वरित कार्रवाई से दंपत्ति को दैनिक आवागमन में बड़ी राहत मिली।
UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद। जिले के ग्राम पंचायत ओरमा में मानवीय संवेदनशीलता और जनप्रतिनिधि की सक्रिय पहल का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। यहां की सरपंच मंजूलता साहू के प्रयासों से मेडकी निवासी एक दिव्यांग दंपत्ति को बैटरी चालित ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई गई, जिससे उनके जीवन में नई सुविधा और आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम मेडकी के निवासी सुरेश कुमार साहू और उनकी पत्नी द्रोपती साहू दोनों ही दिव्यांग हैं। दैनिक जीवन में उन्हें आवागमन के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उनकी स्थिति को देखते हुए सरपंच मंजूलता साहू ने समाज कल्याण विभाग, बालोद को आवेदन प्रस्तुत कर उनकी समस्या से अवगत कराया।
सरपंच की इस पहल को गंभीरता से लेते हुए समाज कल्याण विभाग ने त्वरित कार्रवाई की और दंपत्ति को बैटरी चालित ट्राइसाइकिल प्रदान की। यह सुविधा मिलने के बाद अब दोनों पति-पत्नी को अपने दैनिक कार्यों के लिए आने-जाने में काफी सहूलियत मिलेगी। वे अब अधिक आत्मनिर्भर होकर अपने कामकाज को आसानी से कर सकेंगे।
इस पहल की स्थानीय स्तर पर व्यापक सराहना हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह कदम न केवल एक जरूरतमंद परिवार के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि यह जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का भी उत्कृष्ट उदाहरण है। लोगों ने ऐसे प्रयासों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया है।
इसी क्रम में सुशासन तिहार के तहत ग्राम खपरी में आयोजित कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति भी रही। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष तारिणी पुष्पेंद्र चंद्राकर, उपाध्यक्ष तोमन साहू, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील कुमार चंद्रवंशी, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी अजय कुमार, जनपद अध्यक्ष सरस्वती टेमरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इसके अलावा भाजपा जिला महामंत्री राकेश छोटू यादव, भाजपा नेता प्रेम साहू, सरपंच संघ अध्यक्ष कृष्णा साहू और मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र साहू समेत बड़ी संख्या में क्षेत्र के सरपंच और जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर यह भी संदेश दिया गया कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयास से ही समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सकता है।
कुल मिलाकर, ओरमा पंचायत में सरपंच की यह पहल न केवल एक दिव्यांग दंपत्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आई है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के लिए एक प्रेरणास्रोत भी बनी है। ऐसे प्रयास ग्रामीण विकास और सामाजिक संवेदनशीलता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।