कोरबा में पानी मांगने पर धमकी का आरोप, महिला ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

कोरबा के बांकीमोंगरा क्षेत्र में पेयजल समस्या को लेकर आवाज उठाने वाली एक महिला ने दबाव और धमकी मिलने का आरोप लगाया है। जनदर्शन में शिकायत कर निष्पक्ष जांच और पानी की समस्या के समाधान की मांग की गई है।

May 5, 2026 - 13:37
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कोरबा में पानी मांगने पर धमकी का आरोप, महिला ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता, कोरबा। जिले के बांकीमोंगरा क्षेत्र में पेयजल संकट को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां पानी की समस्या उठाने पर एक महिला ने दबाव और धमकी मिलने का आरोप लगाया है। वार्ड क्रमांक 14 कटाईनार निवासी डिंकी कौर ने कलेक्टर के जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग की है।

आवेदिका का कहना है कि उनके वार्ड में लंबे समय से पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। इस संबंध में उन्होंने कई बार नगर पालिका परिषद और संबंधित जनप्रतिनिधियों को लिखित आवेदन दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया। इससे वार्डवासियों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

शिकायत में बोरिंग कार्य को लेकर भी अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। डिंकी कौर का कहना है कि जहां वास्तव में बोरिंग की आवश्यकता है, वहां कार्य नहीं कराया जा रहा है, जबकि अन्य स्थानों पर प्राथमिकता दी जा रही है। इससे पक्षपात की आशंका उत्पन्न हो रही है और समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।

महिला ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस मुद्दे को उठाया और शिकायत की, तो उन्हें दबाव में लेने का प्रयास किया गया। उनके अनुसार, वार्ड पार्षद के पति द्वारा उन्हें एक बैठक में बुलाया गया, जहां उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया और ऐसा नहीं करने पर थाने में एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दी गई।

डिंकी कौर ने बताया कि बैठक के दौरान कुछ लोगों द्वारा उनके साथ अनुचित व्यवहार भी किया गया, जिससे वे मानसिक रूप से आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि एक महिला होने के नाते इस प्रकार का व्यवहार अत्यंत पीड़ादायक है और इससे असुरक्षा की भावना उत्पन्न होती है। यह मामला न केवल व्यक्तिगत उत्पीड़न का है, बल्कि जनहित के मुद्दे को दबाने का प्रयास भी प्रतीत होता है।

इस पूरे मामले में आवेदिका ने कलेक्टर से चार प्रमुख मांगें रखी हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच कराने, बोरिंग कार्य में हुई अनियमितताओं की पड़ताल करने, दबाव और धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा वार्ड में पेयजल समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है।

स्थानीय लोगों का भी कहना है कि क्षेत्र में पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है और इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। उनका मानना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

फिलहाल, मामला प्रशासन के संज्ञान में आ चुका है और अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच के बाद क्या कार्रवाई की जाती है। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि जनहित के मुद्दों को उठाने वाले नागरिकों को सुरक्षित माहौल और न्याय मिलना कितना जरूरी है।