सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 1.5 करोड़ की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार

रायपुर ग्रामीण पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 34 लोगों से करीब 1.5 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

May 5, 2026 - 15:46
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सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 1.5 करोड़ की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA. नेमिश अग्रवाल रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी का मामला सामने आया है। रायपुर ग्रामीण पुलिस ने इस संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने करीब 34 बेरोजगार युवाओं से लगभग 1.5 करोड़ रुपये की ठगी की।

पुलिस के अनुसार इस गिरोह के मुख्य आरोपी राजेश शर्मा, जो एक सरकारी शिक्षक है, और मनोज कुमार श्रीवास्तव, जो एक निजी स्कूल में क्लर्क के रूप में कार्यरत है, लंबे समय से इस ठगी को अंजाम दे रहे थे। दोनों आरोपियों ने बेहद सुनियोजित तरीके से फर्जी सरकारी दस्तावेज तैयार कर लोगों को अपने जाल में फंसाया।

फर्जी आदेश बनाकर युवाओं को बनाया शिकार
आरोपियों ने “सामान्य प्रशासन विभाग, छत्तीसगढ़ शा\सन” के नाम से कंप्यूटर पर फर्जी नियुक्ति आदेश तैयार किए। इन दस्तावेजों में सचिव और उप-सचिव के डिजिटल हस्ताक्षर भी लगाए गए, जिससे यह पूरी तरह असली प्रतीत होते थे। इसके बाद इन आदेशों को व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए बेरोजगार युवाओं तक पहुंचाया गया।

आरोपियों ने परिवहन, राजस्व, वन, पंचायत और स्कूल शिक्षा विभागों में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से लाखों रुपये वसूले। नौकरी पाने की आस में कई युवाओं ने अपनी जमा पूंजी और कर्ज लेकर भी आरोपियों को रकम दी।

शिकायत से खुला पूरा मामला
इस मामले का खुलासा 24 अप्रैल को तब हुआ जब राखी थाना में राजपाल बघेल नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में 5 मार्च को जारी एक संदिग्ध कार्यालय आदेश का जिक्र किया गया था, जिसे जांच के दौरान फर्जी पाया गया।

पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और व्हाट्सएप चैनलों की गहन जांच करते हुए फर्जी दस्तावेजों के स्रोत का पता लगाया। जांच के दौरान आरोपी राजेश शर्मा के मोबाइल तक पहुंच बनाई गई और उसे डोंगरगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में उसके साथी मनोज कुमार श्रीवास्तव को भी हिरासत में लिया गया।

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी राजेश शर्मा ने बताया कि वह कर्ज में डूबा हुआ था और उसे चुकाने के लिए उसने यह ठगी की योजना बनाई। इस काम में उसने अपने सहयोगी मनोज कुमार श्रीवास्तव को भी शामिल किया। दोनों ने मिलकर बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाया और उन्हें सरकारी नौकरी का झांसा देकर बड़ी रकम ऐंठी।

कानूनी कार्रवाई और जब्ती
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 319(2), 336(3), 3(5) और आईटी एक्ट की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही ठगी में इस्तेमाल किए गए कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य डिजिटल उपकरण भी जब्त कर लिए गए हैं।

जांच में सामने आए अन्य तथ्य
जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपियों ने भिलाई की एक महिला से 1.9 लाख रुपये लिए थे, जिसे बाद में वापस कर दिया गया। हालांकि, इसके बावजूद अन्य पीड़ितों से लगभग 1.5 करोड़ रुपये की ठगी की जा चुकी थी।

पुलिस के अनुसार यह मामला हाल के समय में सामने आए सबसे बड़े और तकनीकी रूप से संगठित नौकरी ठगी मामलों में से एक है। फिलहाल पुलिस अन्य संभावित आरोपियों और पीड़ितों की तलाश में जुटी हुई है।

इस घटना ने एक बार फिर बेरोजगार युवाओं को सतर्क रहने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी नौकरी के नाम पर पैसे मांगने वाले व्यक्तियों से सावधान रहें और केवल आधिकारिक माध्यमों से ही आवेदन करें।