गुजरात शिविर में बालोद के रोवर-रेंजरों का उत्कृष्ट प्रदर्शन, छत्तीसगढ़ का बढ़ाया मान

बालोद के शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त महाविद्यालय के रोवर-रेंजरों ने गुजरात के सासण गिर में आयोजित राष्ट्रीय शिविर में शानदार प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया।

Apr 24, 2026 - 15:52
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गुजरात शिविर में बालोद के रोवर-रेंजरों का उत्कृष्ट प्रदर्शन, छत्तीसगढ़ का बढ़ाया मान

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के युवाओं ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय देते हुए राज्य का नाम रोशन किया है। भारत स्काउट्स एंड गाइड्स से जुड़े शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय के रोवर-रेंजरों ने सासण गिर (गुजरात) में आयोजित राष्ट्रीय पर्यावरण एवं कोस्टल ट्रैकिंग शिविर में शानदार प्रदर्शन किया।

यह शिविर 20 से 24 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के 8 राज्यों से 85 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। बालोद महाविद्यालय के रोवर लक्ष कुमार साहू, डेलेंद्र कुमार सिन्हा और रेंजर जागृति बारले एवं अंजली साहू ने इस शिविर में भाग लेकर न केवल अपने कौशल का प्रदर्शन किया, बल्कि छत्तीसगढ़ का गौरवपूर्ण प्रतिनिधित्व भी किया।

शिविर के दौरान प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण, नेतृत्व विकास और साहसिक गतिविधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विशेष रूप से 21 किलोमीटर की ट्रैकिंग गतिविधि में रोवर-रेंजरों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्राकृतिक संसाधनों, जैव विविधता तथा वन्य जीवन के बारे में गहन जानकारी प्राप्त की। इस दौरान जंगल सफारी का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने शेर, हिरण सहित कई वन्य जीवों को नजदीक से देखा और उनके संरक्षण के महत्व को समझा।

इसके अलावा शिविर में तटीय पारिस्थितिकी, मैंग्रोव संरक्षण और समुद्र तट स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों में टीमवर्क, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का समुचित विकास हुआ, जो उनके व्यक्तित्व निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत आयोजित कैंप फायर में छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने अपने लोकगीत और लोकनृत्य की प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। उनकी प्रस्तुति ने न केवल दर्शकों को प्रभावित किया, बल्कि राज्य की समृद्ध संस्कृति की झलक भी प्रस्तुत की।

शिविर के समापन समारोह में नेशनल कमिश्नर मनीष मेहता ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस उपलब्धि पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जे. के. खलखो सहित अन्य अधिकारियों ने छात्रों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

यह उपलब्धि न केवल संबंधित छात्रों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए प्रेरणादायक उदाहरण भी है। बालोद के इन रोवर-रेंजरों ने यह साबित कर दिया कि सही मार्गदर्शन और मेहनत के बल पर छोटे शहरों के युवा भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।