UNITED NEWS OF ASIA. राजेश पुरोहित, रतलाम l मध्यप्रदेश में बहुप्रतीक्षित इंदौर–दाहोद नई रेल लाइन परियोजना अब तेजी से अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। रतलाम रेल मंडल के अंतर्गत आने वाली यह परियोजना आदिवासी अंचल के विकास के लिए ऐतिहासिक साबित होने जा रही है। करीब 1800 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही 204 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन में टीही–प्रीतमपुर के बीच 3 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जिससे इस वर्ष के अंत तक ट्रेन संचालन की संभावनाएं काफी बढ़ गई हैं।
रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार पाण्डेय के अनुसार, परियोजना के पहले चरण में इंदौर से धार के बीच लगभग 35 किलोमीटर तथा दाहोद से झाबुआ के बीच 58 किलोमीटर ट्रैक पर यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा सकता है। हालांकि धार–झाबुआ खंड में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी लंबित है, जिसका मुख्य कारण खरमोर अभ्यारण क्षेत्र में पर्यावरणीय बाधाएं हैं।
इस परियोजना के पूरा होने से सबसे बड़ा लाभ धार जिले के आदिवासी क्षेत्रों को मिलेगा, जहां पहली बार रेल कनेक्टिविटी स्थापित होगी। इससे शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा। इसके साथ ही प्रीतमपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्र को भी बड़ा फायदा मिलेगा, क्योंकि यह रेल लाइन मुंबई के साथ एक छोटा और तेज माल परिवहन मार्ग उपलब्ध कराएगी।
रेलवे द्वारा इस परियोजना के अंतर्गत कई नए स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं। इंदौर से धार के बीच राऊ, टीही, प्रीतमपुर, सागौर, गुणावद और धार स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जबकि दाहोद से झाबुआ के बीच कटवारा, पिटोल और झाबुआ स्टेशन यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेंगे।
यह परियोजना केवल एक रेल लाइन नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास का आधार बन रही है। इससे न केवल कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि स्थानीय उद्योगों, कृषि और पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी। आदिवासी अंचल के लोगों के लिए यह एक नई उम्मीद लेकर आई है, जिससे उनका सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण संभव होगा।
कुल मिलाकर, इंदौर–दाहोद रेल लाइन परियोजना मध्यप्रदेश और गुजरात के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है। जैसे-जैसे निर्माण कार्य पूरा होगा, वैसे-वैसे इस परियोजना के लाभ भी स्पष्ट रूप से सामने आने लगेंगे। यह पहल क्षेत्रीय संतुलित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो आने वाले वर्षों में लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करेगी।