वकीलों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी का मामला: जिला अधिवक्ता संघ ने दर्ज कराई पुलिस में शिकायत

मनेंद्रगढ़ जिला अधिवक्ता संघ ने सोशल मीडिया पर वकीलों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के आरोप में दो व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

Feb 7, 2026 - 15:46
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वकीलों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी का मामला: जिला अधिवक्ता संघ ने दर्ज कराई पुलिस में शिकायत

UNITED NEWS OF ASIA. मनेंद्रगढ़। जिला अधिवक्ता संघ मनेंद्रगढ़ ने सोशल मीडिया पर वकीलों के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी किए जाने के मामले में दो व्यक्तियों के खिलाफ सिटी कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। अधिवक्ता संघ ने पुलिस से दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।

अधिवक्ता संघ के अनुसार 25 जनवरी 2026 को ‘शराफत की दस्तक’ नामक फेसबुक चैनल पर एक इंटरव्यू प्रसारित किया गया था। आरोप है कि इस इंटरव्यू में रघुनाथ पोद्दार उर्फ कल्लू द्वारा वकीलों के खिलाफ अमर्यादित और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया। संघ का आरोप है कि उक्त इंटरव्यू को चैनल संचालक शराफत अली द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया गया।

अधिवक्ता संघ का कहना है कि वीडियो के माध्यम से जानबूझकर वकीलों की छवि खराब करने का प्रयास किया गया है। संघ ने आरोप लगाया कि इंटरव्यू में राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ वकीलों की मिलीभगत जैसे गंभीर और अपमानजनक आरोप लगाए गए, जिससे अधिवक्ता समुदाय की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।

संघ के पदाधिकारियों ने इसे एक सुनियोजित साजिश और प्रोपेगेंडा करार दिया है। शिकायत में बताया गया है कि करीब 13 मिनट का यह वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों द्वारा देखा और साझा किया गया, जिसके बाद अधिवक्ता समुदाय में आक्रोश व्याप्त है।

मामले की जानकारी मिलने के बाद 4 फरवरी 2026 को जिला अधिवक्ता संघ ने बैठक आयोजित की, जिसमें सर्वसम्मति से दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। संघ के सचिव ने पुलिस से अनुरोध किया है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

मामले को लेकर कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि पत्रकारिता का कार्य सूचना प्रसारित करना होता है, लेकिन यदि किसी सामग्री से किसी समुदाय या पेशे की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है और वह मानहानि की श्रेणी में आता है, तो संबंधित व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई संभव है। वहीं निष्पक्ष जांच के दौरान दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाना आवश्यक माना जाता है।

फिलहाल मामला पुलिस के संज्ञान में पहुंच चुका है और आगे की कार्रवाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।