गरियाबंद के सुशासन तिहार में बड़ा हादसा टला, पीपल का पेड़ गिरने से 7 घायल

गरियाबंद जिले के खरहरी गांव में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान बड़ा हादसा टल गया। खाना बनाने की तैयारी के बीच अचानक पुराना पीपल का पेड़ गिर पड़ा, जिससे एक बच्चे सहित 7 लोग घायल हो गए। सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है।

May 27, 2026 - 16:05
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गरियाबंद के सुशासन तिहार में बड़ा हादसा टला, पीपल का पेड़ गिरने से 7 घायल

UNITED NEWS OF AISA. राधे पटेल, गरियाबंद। जिले के गरियाबंद ब्लॉक अंतर्गत खरहरी गांव में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान बुधवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कार्यक्रम स्थल पर खाना बनाने की तैयारी चल रही थी, तभी अचानक एक पुराना पीपल का पेड़ भरभराकर गिर पड़ा। इस हादसे में एक बच्चे सहित कुल 7 लोग घायल हो गए। घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुशासन तिहार कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग मौजूद थे। आयोजन स्थल पर भोजन बनाने का कार्य चल रहा था, तभी अचानक तेज आवाज के साथ पास में खड़ा पुराना पीपल का पेड़ गिर गया। पेड़ गिरते ही वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। कई लोग पेड़ की चपेट में आ गए, जिससे वे घायल हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को पेड़ के नीचे से बाहर निकाला गया। इसके बाद सभी घायलों को तत्काल एंबुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायल खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि पीपल का पेड़ काफी पुराना और अंदर से कमजोर हो चुका था। लंबे समय से उसकी स्थिति जर्जर बताई जा रही थी। तेज हवा और भारी शाखाओं के दबाव के कारण पेड़ अचानक गिर पड़ा। हादसे के बाद कुछ समय तक कार्यक्रम स्थल पर अव्यवस्था की स्थिति बनी रही, लेकिन प्रशासन और पुलिस ने स्थिति को जल्द नियंत्रित कर लिया।

घटना के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पेड़ गिरने के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचाव के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन से पहले स्थल का सुरक्षा परीक्षण अनिवार्य किया जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि गांवों और सार्वजनिक स्थलों पर कई पुराने और जर्जर पेड़ मौजूद हैं, जो कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। यदि समय रहते इनकी जांच और छंटाई नहीं की गई तो भविष्य में बड़ा नुकसान हो सकता है। लोगों ने यह भी कहा कि प्रशासन को ऐसे आयोजनों से पहले सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए।

सुशासन तिहार में शामिल होने पहुंचे लोग खुशी और उत्साह के साथ कार्यक्रम का हिस्सा बनने आए थे, लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने माहौल को चिंताजनक बना दिया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई। अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या भविष्य में प्रशासन ऐसे आयोजनों के लिए पहले से सुरक्षा ऑडिट और जोखिम आकलन की व्यवस्था करेगा, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।