धर्मांतरण पर भाजपा का विरोध केवल दिखावा, दोहरा चरित्र उजागर: महेन्द्र छाबड़ा

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महेन्द्र छाबड़ा ने महासमुंद जिले में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की कार्यकारिणी में धर्मांतरित व्यक्तियों को पद देने पर सवाल उठाते हुए भाजपा पर धर्मांतरण को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।

Jan 8, 2026 - 14:25
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धर्मांतरण पर भाजपा का विरोध केवल दिखावा, दोहरा चरित्र उजागर: महेन्द्र छाबड़ा

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह.रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में भारतीय जनता पार्टी पर धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महामंत्री महेन्द्र छाबड़ा ने कहा है कि भाजपा का धर्मांतरण के खिलाफ विरोध केवल दिखावा है और उसका दोहरा चरित्र अब पूरी तरह उजागर हो चुका है।

महेन्द्र छाबड़ा ने महासमुंद जिले का हवाला देते हुए कहा कि हाल ही में भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा की जिला कार्यकारिणी की घोषणा की गई, जिसमें जीवन तांडी को जिला महामंत्री तथा अनूप तांडी को मंडल अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद सौंपे गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दोनों व्यक्ति धर्मांतरित हैं, ऐसे में भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि इन्हें किस आधार पर अल्पसंख्यक मोर्चा में पद दिया गया है।

उन्होंने कहा कि एक ओर भाजपा छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में धर्मांतरण के खिलाफ मुखर होकर अभियान चलाती है, वहीं दूसरी ओर वही पार्टी धर्मांतरण कर चुके लोगों को अपने संगठन में महत्वपूर्ण पदों से नवाज रही है। यह भाजपा के कथनी और करनी के बीच स्पष्ट विरोधाभास को दर्शाता है।

महेन्द्र छाबड़ा ने सवाल उठाया कि जीवन तांडी और अनूप तांडी ने अल्पसंख्यक वर्ग में कब और किस प्रक्रिया के तहत प्रवेश किया। क्या उन्होंने विधिवत संवैधानिक प्रक्रिया का पालन किया या फिर उसी धर्मांतरण प्रक्रिया के माध्यम से अल्पसंख्यक बने हैं, जिसका भाजपा सार्वजनिक रूप से विरोध करती रही है। उन्होंने कहा कि यदि दूसरा मामला सही है, तो यह भाजपा की कथित विचारधारा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा एक तरफ धर्मांतरण को सामाजिक बुराई बताकर जनता को गुमराह करती है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक लाभ के लिए उसी वर्ग के लोगों को आगे बढ़ाने से पीछे नहीं हटती। उन्होंने इस स्थिति को “गुड़ खाए और गुलगुलों से परहेज” की संज्ञा देते हुए भाजपा की नीतियों को अवसरवादी करार दिया।

महेन्द्र छाबड़ा ने प्रदेश की जनता से अपील की कि वे भाजपा के इस दोहरे चरित्र को समझें और सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि महासमुंद जिले में अल्पसंख्यक मोर्चा की कार्यकारिणी इसका ताजा उदाहरण है, जिससे भाजपा की कथनी और करनी का अंतर साफ नजर आता है। कांग्रेस नेता ने कहा कि जनता को सच्चाई समझकर लोकतांत्रिक रूप से उचित निर्णय लेना चाहिए।