भारी बारिश के बीच जमकुंडा में धूमधाम से मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस, प्रकृति संरक्षण और शिक्षा का लिया संकल्प
जुन्नारदेव तहसील के ग्राम पंचायत जमकुंडा में सर्व आदिवासी समाज द्वारा 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। भारी बारिश के बीच प्रकृति शक्ति बड़ादेव की पूजा-अर्चना के बाद आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक वेशभूषा में रैली निकाली गई। कार्यक्रम में जल, जंगल और जमीन के संरक्षण, शिक्षा के प्रति जागरूकता तथा युवाओं को नशामुक्त रहने का संदेश दिया गया। बच्चों ने आदिवासी संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और विभिन्न कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञ राज पटेल, छिंदवाड़ा l ग्राम पंचायत जमकुंडा में सर्व आदिवासी समाज द्वारा 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। भारी बारिश के बावजूद समाज के लोगों में कार्यक्रम को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। मातृशक्ति, युवाओं, बच्चों और समाज के सदस्यों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर आदिवासी संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के प्रति अपनी आस्था एवं सम्मान का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रकृति शक्ति बड़ादेव की सुमरनी और पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक वेशभूषा में रैली निकाली गई। भारी बारिश के बीच भी समाज के लोग नाचते-गाते और उत्साह के साथ रैली में शामिल हुए। रैली के दौरान आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और प्रकृति से जुड़े जीवन मूल्यों की झलक देखने को मिली। सरपंच ममता प्रकाश कुमरे भी आदिवासी संस्कृति की पारंपरिक वेशभूषा में कार्यक्रम में शामिल हुईं।
रैली में मातृशक्ति की भी सक्रिय सहभागिता रही। बबीता इवनाती, आशा इवनाती, सगोनी इवनाती, ज्योति कुमरे, सरला उइके, चतरो बाई कुमरे, मंजू धुर्वे, सीमा इवनाती, शांता बाई, सूरजवती इवनाती, ग्यारसी कुमरे, नीलू कवरेती, ममता उइके, सुशीला पंद्राम, सुनीता इवनाती और अन्य महिलाओं ने आयोजन में सहयोग दिया।
समाज के वरिष्ठ नागरिकों प्रसादी इवनाती, बली इवनाती, बुद्धु कुमरे, फुलवानशा इवनाती, पप्पू परिहार, सुमरन यदुवंशी, राधेलाल आमरे और दशरथ यादव का हल्दी-चावल का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। इसके बाद केशव प्रसाद इवनाती, कलीराम परतेती, अशोक कुमरे, प्रमोद इवनाती एवं उनकी टीम तथा सर्व आदिवासी समाज की ओर से हलवा और चना का प्रसाद वितरित किया गया।
रैली ग्राम जमकुंडा से शुरू होकर चर्ज तिराहा, अंबेडकर चौक, श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौक, विजय स्तंभ और चिकलमहू चौराहा होते हुए वार्ड नंबर 14 आमढ़ाना स्थित बिरसा मुंडा भवन पहुंची। यहां छोटे-छोटे बच्चों ने आदिवासी संस्कृति पर आधारित आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने समाज की एकता, संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने पर विचार व्यक्त किए।
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर समाज के लोगों ने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संकल्प लिया। साथ ही बच्चों और युवाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें बेहतर भविष्य के लिए निरंतर अध्ययन करने का संदेश दिया गया। युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान भी किया गया।
कार्यक्रम अध्यक्ष अमर सिंह धुर्वे की टीम द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम के दौरान बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्हें पुरस्कार भी वितरित किए गए। अंत में प्रेम शाह भलावी ने आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया।
आयोजन में प्रकाश कुमरे, विजय इवनाती, दीपक कुमरे, राकेश इवनाती, कलीराम कवरेती, मुन्नालाल पंद्राम, कन्हैया उइके, दिनेश कुमरे, सुरेश इवनाती, बसंत इवनाती, नरसेया इवनाती, कल्लू इवनाती, रामचरण इवनाती, कुंदन इवनाती, किशोर वाडिवा, सुगेश इवनाती, सुखदेव इवनाती, अभिषेक इवनाती, पिंटू कुमरे, कुलदीप कुमरे, मनीष इवनाती, पवन इवनाती, दिनेश इवनाती, हरी कवरेती सहित सर्व आदिवासी समाज के सदस्यों की सहभागिता रही। समाज ने कार्यक्रम में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग प्रदान करने वाले नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, पुलिस प्रशासन और पत्रकारों के प्रति आभार व्यक्त किया।