कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा संगठन वृत्ति चंद्राकर, एमआईसी सदस्य ठेवनारायण चंद्राकर और महिला मोर्चा अध्यक्ष अंजु तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। अतिथियों ने बच्चों और महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से संचालित गतिविधियों की जानकारी ली।
महिलाओं के लिए बिंदी लगाओ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसमें प्रागेर चौधरी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिताओं के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को मनोरंजन के साथ आपसी सहभागिता और उत्साह के साथ कार्यक्रम में जुड़ने का अवसर मिला।
आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम के दौरान बच्चों का वजन और स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। स्वस्थ पाए गए बच्चों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम में बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान दिया गया। उपस्थित महिलाओं को भी पोषण, स्वास्थ्य और बच्चों की देखभाल से संबंधित आवश्यक जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में गर्भवती महिला डेनिन सायका की गोदभराई की रस्म पूरी की गई। वहीं छह माह की आयु पूर्ण कर चुकी विशिका साय का अन्नप्राशन कराया गया। इन पारंपरिक आयोजनों के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण के महत्व का संदेश दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से एएनएम पूजा वर्मा ने स्वास्थ्य परीक्षण के साथ टीबी स्क्रीनिंग भी की। कार्यक्रम में 8 गर्भवती महिलाएं, 8 धात्री महिलाएं, 5 किशोरी बालिकाएं और 21 अन्य महिला हितग्राही उपस्थित रहीं। स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से हितग्राहियों को नियमित स्वास्थ्य देखभाल के प्रति जागरूक किया गया।
वार्ड-18 समिति के उपाध्यक्ष नरेश सिन्हा की ओर से 24 बच्चों को न्यौता भोज कराया गया। बच्चों ने सामूहिक रूप से भोजन ग्रहण किया। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
आयोजन के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और मितानिन का सम्मान भी किया गया। अतिथियों ने आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से बच्चों और महिलाओं के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। स्वल्पाहार के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। आयोजन ने बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, महिला जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने का संदेश दिया।