प्रियदर्शनी परिसर में निर्माण की गुणवत्ता पर विधायक रिकेश सेन सख्त, स्विमिंग पूल-स्केटिंग ग्राउंड की जांच के निर्देश

भिलाई के प्रियदर्शनी परिसर सुपेला में निर्माणाधीन स्विमिंग पूल और स्केटिंग ग्राउंड की गुणवत्ता को लेकर शिकायतों के बाद विधायक रिकेश सेन ने दुर्ग कलेक्टर को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय तकनीकी और वित्तीय जांच की मांग की है। उन्होंने जांच पूरी होने तक आगामी भुगतान रोकने और अनियमितता मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।

Sep 25, 2026 - 19:30
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प्रियदर्शनी परिसर में निर्माण की गुणवत्ता पर विधायक रिकेश सेन सख्त, स्विमिंग पूल-स्केटिंग ग्राउंड की जांच के निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, भिलाई l वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र के प्रियदर्शनी परिसर सुपेला में निर्माणाधीन स्विमिंग पूल और स्केटिंग ग्राउंड के निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आने के बाद विधायक रिकेश सेन ने मामले को गंभीरता से लिया है। विधायक ने दुर्ग कलेक्टर को पत्र लिखकर निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा कार्य से संबंधित तकनीकी और वित्तीय प्रक्रियाओं की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मामले को उप मुख्यमंत्री अरुण साव के संज्ञान में भी लाया है।

विधायक रिकेश सेन ने अपने पत्र में कहा है कि प्रियदर्शनी परिसर में कराया जा रहा निर्माण कार्य जनहित और खिलाड़ियों की सुविधा से जुड़ा हुआ है। ऐसे में निर्माण में निर्धारित नियमों और तकनीकी मापदंडों का पालन होना जरूरी है। शिकायतों के अनुसार मौके पर निर्माण कार्य की वास्तविक प्रगति और दस्तावेजों में दर्शाई गई प्रगति के बीच अंतर होने की बात सामने आई है। इसके अलावा निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं।

विधायक ने मामले की तकनीकी जांच के साथ निर्माण कार्य से जुड़े दस्तावेजों का भी परीक्षण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मौके पर किए गए कार्य, स्वीकृत कार्ययोजना और संबंधित अभिलेखों का मिलान किया जाना चाहिए, ताकि निर्माण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

भुगतान प्रक्रिया को लेकर भी विधायक ने जांच की मांग की है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आने के बावजूद संबंधित ठेकेदार को पहला बिल जारी किए जाने की जानकारी मिली है। विधायक ने भुगतान की पूरी प्रक्रिया की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराने तथा यह सुनिश्चित करने को कहा है कि शासकीय राशि का भुगतान निर्धारित नियमों के अनुरूप ही हुआ हो।

रिकेश सेन ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित करने की मांग की है। उन्होंने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर तकनीकी मानकों के अनुरूप कार्य की गुणवत्ता का परीक्षण कराने के साथ ही अब तक जारी किए गए बिलों और भुगतानों का वित्तीय ऑडिट कराने की बात कही है।

विधायक ने यह भी कहा है कि जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य से संबंधित आगामी भुगतानों पर रोक लगाई जाए। यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता प्रमाणित होती है तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि स्विमिंग पूल और स्केटिंग ग्राउंड जैसे सार्वजनिक उपयोग के निर्माण कार्य सीधे खिलाड़ियों और आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े होते हैं। इसलिए निर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और सरकारी राशि के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है। विधायक ने कहा कि जनहित से जुड़े विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और शिकायतों की निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय की जानी चाहिए।