शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित: कांग्रेस
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के हजारों पद खाली होने और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कांग्रेस ने सरकार से रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती और स्कूलों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए लगभग दो महीने हो चुके हैं, लेकिन प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
सुशील आनंद शुक्ला ने दावा किया कि प्रदेश में लगभग 57 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं, लेकिन सरकार पिछले ढाई वर्षों में इन पदों पर नियमित भर्ती नहीं कर पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि नई नियुक्तियां करने के बजाय संविलियन के नाम पर शिक्षकों के पद समाप्त किए गए और हजारों स्कूलों को बंद कर दिया गया, जिससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों की शिक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ा है।
कांग्रेस ने कहा कि सरकार की ओर से शिक्षक भर्ती को लेकर कई बार घोषणाएं की गईं, लेकिन उन्हें अमल में नहीं लाया गया। पार्टी के अनुसार पूर्व शिक्षा मंत्री ने 35 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की थी, जबकि वर्ष 2025 के बजट में 20 हजार शिक्षकों की भर्ती का भी उल्लेख किया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने भी 5 हजार शिक्षकों की भर्ती जल्द शुरू करने की बात कही थी, लेकिन अब तक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि हर महीने बड़ी संख्या में शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिससे रिक्त पदों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उनका आरोप है कि पिछले डेढ़ वर्ष में नियमित शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने से स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में उपलब्ध शिक्षक एक से अधिक विषय पढ़ाने को मजबूर हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि केवल शिक्षकों की कमी ही नहीं, बल्कि स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। पार्टी के अनुसार प्रदेश के हजारों स्कूलों के भवन जर्जर अवस्था में हैं और बारिश के दौरान कई स्कूलों की छतों से पानी टपकता है। इसके अलावा अनेक विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी कमी है, जिससे विशेष रूप से छात्राओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस का कहना है कि कई स्कूलों में विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तकें भी उपलब्ध नहीं हो सकी हैं, जिससे नए सत्र की पढ़ाई प्रभावित हुई है। पार्टी ने आरोप लगाया कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में सरकार अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रही है।
प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार से मांग की है कि शिक्षकों के रिक्त पदों पर शीघ्र नियमित भर्ती की जाए, स्कूलों में आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जर्जर भवनों का निर्माण एवं मरम्मत कराई जाए तथा सभी विद्यार्थियों तक समय पर पाठ्यपुस्तकें पहुंचाई जाएं। कांग्रेस का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार को शिक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।