स्मार्ट मीटर से बिजली उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी, कांग्रेस ने वापस लेने की मांग की
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने स्मार्ट मीटर को आम जनता से अधिक बिजली बिल वसूलने का माध्यम बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिल कई गुना बढ़ गए हैं और इसे लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए इसे आम जनता से अधिक बिजली बिल वसूलने का माध्यम बताया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद प्रदेशभर से उपभोक्ताओं की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं कि उनकी वास्तविक बिजली खपत की तुलना में अधिक रीडिंग दर्ज हो रही है और बिजली बिल कई गुना बढ़कर आ रहे हैं।
दीपक बैज ने दावा किया कि कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल पहले की तुलना में दो से तीन गुना तक बढ़ गए हैं। उनका कहना है कि यदि किसी मीटर की कार्यप्रणाली को लेकर उपभोक्ता शिकायत करता है, तो उसकी जांच बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने मीटर जांच और चेक मीटर लगाने के लिए शुल्क निर्धारित कर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है।
कांग्रेस ने कहा कि पहले से चेक मीटर की व्यवस्था उपलब्ध थी, लेकिन अब उपभोक्ताओं से मीटर की जांच के लिए शुल्क लिया जा रहा है। पार्टी का आरोप है कि इससे आम लोगों को अपनी शिकायतों के समाधान में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस का कहना है कि यदि सरकार को अपने मीटरों की कार्यप्रणाली पर भरोसा है तो जांच प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क होनी चाहिए।
दीपक बैज ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने बिजली दरों में कई बार वृद्धि की है और पहले लागू 400 यूनिट तक की रियायती योजना को सीमित कर दिया है। उनका कहना है कि इससे घरेलू उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ा है। उन्होंने कहा कि बिजली दरों में बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटर के कारण आम परिवारों का मासिक खर्च बढ़ गया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि स्मार्ट मीटर को लेकर अन्य राज्यों में भी विवाद सामने आए हैं और छत्तीसगढ़ सरकार को उपभोक्ताओं की शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने मांग की कि प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए और यदि उनमें किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है तो उन्हें तत्काल हटाया जाए।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के बजाय नए-नए शुल्क और बढ़ी हुई दरों के माध्यम से अतिरिक्त वसूली कर रही है। पार्टी का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच बिजली बिलों का बोझ आम लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
दीपक बैज ने घोषणा की कि स्मार्ट मीटर वापस लेने और बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग को लेकर कांग्रेस प्रदेशभर में आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी और उपभोक्ताओं की समस्याओं को लेकर सरकार पर दबाव बनाएगी।
कांग्रेस ने राज्य सरकार से मांग की है कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का पारदर्शी समाधान किया जाए, मीटरों की तकनीकी जांच कराई जाए, उपभोक्ताओं पर लगाए गए अतिरिक्त शुल्क समाप्त किए जाएं तथा बिजली बिलों में राहत देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।