‘कॉकरोच’ कमेंट से वायरल कंटेंट तक, सुप्रीम कोर्ट ने CJP मामले में केंद्र, MeitY, BCI और CBI को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ विवाद और अदालत की मौखिक टिप्पणियों के कथित गलत एवं व्यावसायिक इस्तेमाल से जुड़ी PIL पर केंद्र, MeitY, BCI और CBI को नोटिस जारी किया है। याचिका में सोशल मीडिया पर कोर्ट की टिप्पणियों को मीम और वायरल कंटेंट के रूप में इस्तेमाल किए जाने तथा कथित फर्जी वकीलों और कानून की डिग्रियों की जांच की मांग की गई है।

Aug 11, 2026 - 16:20
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‘कॉकरोच’ कमेंट से वायरल कंटेंट तक, सुप्रीम कोर्ट ने CJP मामले में केंद्र, MeitY, BCI और CBI को नोटिस

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़े विवाद और अदालत की कार्यवाही के दौरान जजों एवं वकीलों की ओर से की गई मौखिक टिप्पणियों के कथित गलत इस्तेमाल को लेकर दायर जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अदालत में कही गई बातों को संदर्भ से अलग करके सोशल मीडिया, मीम्स, वीडियो और अन्य वायरल कंटेंट में इस्तेमाल किया जा रहा है। याचिका में इस तरह की गतिविधियों के जरिए कथित तौर पर व्यावसायिक और राजनीतिक लाभ उठाए जाने की जांच की मांग की गई है।

याचिकाकर्ता वकील राजा चौधरी ने 15 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई का हवाला देते हुए याचिका दायर की है। याचिका के अनुसार, उस सुनवाई के दौरान ‘कॉकरोच’ शब्द का इस्तेमाल मौखिक टिप्पणी के तौर पर हुआ था। इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस टिप्पणी को अलग-अलग संदर्भों में प्रस्तुत किए जाने का आरोप लगाया गया।

याचिका में कहा गया है कि न्यायिक कार्यवाही के दौरान की गई मौखिक टिप्पणियों को संदर्भ से काटकर मीम, ट्रोलिंग, वायरल वीडियो और राजनीतिक कंटेंट का हिस्सा बनाया जा रहा है। याचिकाकर्ता ने अदालत की टिप्पणियों के नाम, पहचान और संदर्भ के कथित गलत इस्तेमाल की जांच की मांग की है। साथ ही सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से इस तरह के कंटेंट से आर्थिक लाभ कमाने की गतिविधियों की भी जांच की मांग की गई है।

फर्जी वकीलों और कानून की डिग्री का मामला

PIL में कथित फर्जी वकीलों और फर्जी कानून की डिग्रियों से जुड़े मामलों की जांच की मांग भी की गई है। याचिकाकर्ता ने ऐसे मामलों की केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI से जांच कराने की मांग की है। याचिका में डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका की भी जांच किए जाने की आवश्यकता बताई गई है।

केंद्र समेत चार संस्थाओं को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को नोटिस जारी किया है। मामले में अब संबंधित पक्षों से जवाब मांगा गया है।

याचिका में दावा किया गया है कि मई 2026 में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक और युवा-केंद्रित डिजिटल आंदोलन से जुड़े कंटेंट का प्रसार हुआ। आरोप है कि अदालत की मौखिक टिप्पणियों को मीम्स, ट्रोलिंग और वायरल सामग्री के जरिए सनसनीखेज तरीके से पेश किया गया और उसका कथित व्यावसायिक फायदा उठाया गया।

अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई 10 सितंबर 2026 को होगी। उस दौरान नोटिस के जवाब और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर आगे की सुनवाई हो सकती है।