SC ने शिक्षक भर्ती पर लगाई रोक, RTE, NCTE और UGC नियमों का पालन जरूरी

सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षक भर्ती से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अंतरिम आदेश जारी किया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि RTE, NCTE और UGC के तहत निर्धारित आवश्यक शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं करने वाले उम्मीदवारों को शिक्षक के पद पर नियुक्त नहीं किया जा सकता। मामले में केंद्र सरकार, सभी राज्यों और UGC को नोटिस जारी किया गया है।

Sep 8, 2026 - 13:36
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SC ने शिक्षक भर्ती पर लगाई रोक, RTE, NCTE और UGC नियमों का पालन जरूरी

UNITED NEWS OF ASIA. शिक्षक भर्ती को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम अंतरिम आदेश जारी किया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में शिक्षक के पद पर नियुक्ति के लिए संबंधित कानूनों के तहत निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता का पालन जरूरी होगा। जिन उम्मीदवारों के पास RTE, NCTE और UGC के नियमों के अनुसार आवश्यक योग्यता नहीं है, उन्हें शिक्षक के तौर पर नियुक्त नहीं किया जा सकेगा।

शिक्षक नियुक्ति से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, सभी राज्यों और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की तीन सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई की।

अदालत ने अंतरिम व्यवस्था के तौर पर कहा कि फिलहाल उन्हीं उम्मीदवारों की शिक्षक के रूप में नियुक्ति की जाए, जो संबंधित पद के लिए लागू नियमों और कानूनों के तहत निर्धारित योग्यता पूरी करते हों। इसमें स्कूल स्तर पर शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE), राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) से जुड़े प्रावधानों तथा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में UGC के नियमों का पालन जरूरी बताया गया है।

यह मामला राजेश चौहान की ओर से दायर जनहित याचिका से जुड़ा है। याचिका में ऐसी कानूनी व्यवस्थाओं को चुनौती दी गई है, जिनके जरिए निजी या अस्थायी शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को बिना पारदर्शी, निष्पक्ष और प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया के सीधे सरकारी सेवा में शामिल करने की अनुमति दी जाती है।

याचिका में शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों के अन्य कर्मचारियों के प्रोविन्सियलाइजेशन से संबंधित वैधानिक योजनाओं को भी चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता की ओर से ऐसी व्यवस्थाओं को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है।

सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश का असर उन नियुक्तियों पर पड़ सकता है, जिनमें निर्धारित शैक्षणिक और पेशेवर योग्यता पूरी नहीं करने वाले उम्मीदवारों को शिक्षक के पद पर नियुक्त करने का प्रावधान किया गया हो। अदालत ने अपने आदेश के जरिए फिलहाल शिक्षक नियुक्तियों में निर्धारित पात्रता मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।

RTE और NCTE से जुड़े नियम स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आवश्यक योग्यता और पात्रता तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए UGC के निर्धारित मानकों का पालन किया जाता है।

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद शिक्षक भर्ती और सरकारी सेवा में शिक्षकों के समायोजन से जुड़े मामलों पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, यह अंतरिम आदेश है और मामले की अंतिम सुनवाई के बाद अदालत इस संबंध में विस्तृत फैसला सुना सकती है। केंद्र सरकार, राज्यों और UGC से जवाब मिलने के बाद मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।