अमेरिकी मिडटर्म चुनाव से पहले ट्रंप को झटका, अप्रूवल रेटिंग ऑल टाइम लो

अमेरिका में मिडटर्म चुनाव से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता को लेकर सामने आए ताजा सर्वे ने रिपब्लिकन पार्टी की चिंता बढ़ा दी है। रॉयटर्स और इप्सॉस के सर्वे में डेमोक्रेट्स को वोटरों की पसंद में बढ़त मिली है। अर्थव्यवस्था और ईरान युद्ध को लेकर असंतोष के बीच ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने की बात सामने आई है।

Sep 8, 2026 - 10:10
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अमेरिकी मिडटर्म चुनाव से पहले ट्रंप को झटका, अप्रूवल रेटिंग ऑल टाइम लो

UNITED NEWS OF ASIA. अमेरिका में मिडटर्म चुनाव का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और चुनाव से करीब दो महीने पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता को लेकर सामने आया ताजा सर्वे रिपब्लिकन पार्टी के लिए चिंता बढ़ाने वाला है। रॉयटर्स और इप्सॉस के ताजा सर्वे के मुताबिक ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। अर्थव्यवस्था और ईरान युद्ध जैसे मुद्दों को लेकर बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिक सरकार के कामकाज से असंतुष्ट नजर आए।

मिडटर्म चुनाव में अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी सीटों पर खास नजर रहती है। मौजूदा स्थिति में रिपब्लिकन पार्टी के पास 218 सीटें हैं, जबकि डेमोक्रेट्स के पास 214 सीटें हैं। ऐसे में डेमोक्रेट्स को सदन में बहुमत हासिल करने के लिए केवल तीन अतिरिक्त सीटों की जरूरत है।

सर्वे में रजिस्टर्ड वोटरों से पूछा गया कि यदि अभी कांग्रेस के चुनाव कराए जाएं तो वे किस पार्टी के उम्मीदवार को वोट देंगे। इस सवाल के जवाब में डेमोक्रेट्स को रिपब्लिकन पार्टी पर 5 प्रतिशत अंकों की बढ़त मिली। यह आंकड़ा ऐसे समय सामने आया है जब कई चुनावी क्षेत्रों में दोनों दलों के बीच मुकाबला बेहद कड़ा माना जा रहा है।

करीब 50 सीटों पर मुकाबला महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। यदि डेमोक्रेट्स हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत हासिल कर लेते हैं, तो ट्रंप प्रशासन के खिलाफ कई तरह की संसदीय जांच शुरू हो सकती हैं। इसके अलावा सरकार को कई महत्वपूर्ण विधेयकों और नीतिगत फैसलों पर डेमोक्रेट्स के साथ समझौता करना पड़ सकता है।

ट्रंप की मौजूदा अप्रूवल रेटिंग इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिकी मिडटर्म चुनाव अक्सर राष्ट्रपति और उनकी पार्टी के कामकाज पर जनता के रुख का संकेत देते हैं। राष्ट्रपति की लोकप्रियता में गिरावट का असर उसी पार्टी के उम्मीदवारों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में नवंबर में होने वाला चुनाव ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी दोनों के लिए बड़ी राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है।

इतिहास के आंकड़े भी मौजूदा राष्ट्रपति की पार्टी के लिए चुनौती की ओर इशारा करते हैं। 1938 के बाद से केवल दो ऐसे मिडटर्म चुनाव हुए हैं, जब राष्ट्रपति की पार्टी ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में अपनी सीटों की संख्या बढ़ाई। ऐसे में यदि ट्रंप की लोकप्रियता में गिरावट जारी रहती है और डेमोक्रेट्स को वोटरों की मौजूदा बढ़त बरकरार रहती है, तो नवंबर के चुनाव में अमेरिकी संसद का राजनीतिक संतुलन बदल सकता है।