यमन में जेल पर एयरस्ट्राइक का दावा, 7 की मौत; मलबे में 35 कैदियों के दबे होने की आशंका

यमन के उत्तरी अल-जौफ प्रांत में एक जेल पर हवाई हमले का मामला सामने आया है। हूती विद्रोहियों ने आरोप लगाया है कि यह हमला सऊदी अरब की ओर से किया गया, जिसमें सात लोगों की मौत हुई है। हूती संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, मलबे में 35 कैदी और एक महिला के फंसे होने की आशंका है। सऊदी अरब की ओर से आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।

Sep 8, 2026 - 10:38
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यमन में जेल पर एयरस्ट्राइक का दावा, 7 की मौत; मलबे में 35 कैदियों के दबे होने की आशंका

UNITED NEWS OF ASIA. यमन के उत्तरी हिस्से में एक जेल पर हवाई हमले के बाद हड़कंप मच गया है। हूती विद्रोहियों ने आरोप लगाया है कि सोमवार को सऊदी अरब की ओर से अल-जौफ प्रांत में स्थित एक जेल को निशाना बनाकर एयरस्ट्राइक की गई। हूती संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, हमले में सात लोगों की मौत हुई है, जिनमें एक बच्चा भी शामिल बताया गया है। वहीं मलबे में 35 कैदियों और अपने पति से मिलने जेल पहुंची एक महिला के फंसे होने की आशंका जताई गई है।

यह हमला अल-जौफ प्रांत के हज्म शहर में स्थित सेंट्रल करेक्टिव फैसिलिटी में हुआ। हमले के बाद जेल का एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर मलबे में तब्दील हो गया। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। रेस्क्यू टीमें मलबा हटाकर उसके नीचे फंसे लोगों की तलाश में जुटी हैं।

हूती मीडिया की ओर से हमले के बाद के कुछ वीडियो भी प्रसारित किए गए हैं। इनमें क्षतिग्रस्त इमारत, आसपास फैला मलबा और बचाव दल के सदस्य लोगों की तलाश करते नजर आ रहे हैं। अधिकारियों को आशंका है कि बचाव अभियान आगे बढ़ने के साथ मृतकों और घायलों की संख्या में बदलाव हो सकता है।

सऊदी अरब पर आरोप, तत्काल प्रतिक्रिया नहीं

हूती विद्रोहियों ने इस हमले के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, सऊदी अरब की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में हमले की जिम्मेदारी को लेकर हूती पक्ष के दावे की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।

हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने यह भी दावा किया कि पिछले 24 घंटे के दौरान हूती बलों ने सऊदी अरब के चार टोही ड्रोन मार गिराए हैं। इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

यमन में लंबे समय से जारी संघर्ष के बीच जेल और हिरासत केंद्र पहले भी हमलों का सामना कर चुके हैं। वर्ष 2022 में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन पर सादा में एक डिटेंशन फैसिलिटी को निशाना बनाने का आरोप लगा था। उस घटना में कम से कम 87 कैदियों की मौत की रिपोर्ट सामने आई थी।

संयुक्त राष्ट्र के यमन मामलों के विशेष दूत हंस ग्रंडबर्ग ने भी हाल के दिनों में अलग-अलग मोर्चों पर हूती लड़ाकों की ओर से किए गए हमलों को लेकर चिंता जताई है। ताजा जेल हमले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है। फिलहाल बचाव अभियान जारी है और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही है।