सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में इमारतों की जांच तेज, 10 सितंबर तक रिपोर्ट तलब

दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद MCD ने राजधानी की इमारतों की सुरक्षा जांच तेज कर दी है। सभी जोन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों को अपने क्षेत्रों की इमारतों की जांच कर 10 सितंबर तक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं PG वाले इलाकों में स्ट्रक्चरल ऑडिट और छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी कई अहम फैसले लिए गए हैं।

Sep 8, 2026 - 10:22
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सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में इमारतों की जांच तेज, 10 सितंबर तक रिपोर्ट तलब

UNITED NEWS OF ASIA. दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद राजधानी में इमारतों की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। दिल्ली सरकार, उपराज्यपाल और MCD स्तर पर अधिकारियों को जर्जर और असुरक्षित भवनों की पहचान कर समय रहते कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली नगर निगम ने सभी जोन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों को अपने-अपने क्षेत्र में आने वाली इमारतों की सघन जांच करने को कहा है।

अधिकारियों को 10 सितंबर तक जांच पूरी कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होगी। इस रिपोर्ट को हलफनामे में शामिल कर MCD की ओर से 10 दिन के भीतर दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल किया जाएगा। प्रत्येक जोन में संबंधित एडिशनल कमिश्नर जांच और रिपोर्ट जमा करने की प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।

MCD के मुताबिक, इस साल की शुरुआत में दिल्ली में व्यापक भवन सर्वे कराया गया था। इसमें कुल 27 लाख 84 हजार 286 इमारतों का सर्वे किया गया था, जिनमें 19 इमारतों को खतरनाक पाया गया। अब सत्य निकेतन हादसे के बाद दोबारा व्यापक जांच के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं अन्य इलाकों में भी जर्जर या सुरक्षा के लिहाज से जोखिम वाली इमारतें तो मौजूद नहीं हैं।

PG वाले इलाकों पर विशेष फोकस

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने PG वाले इलाकों में सभी संबंधित इमारतों का एक सप्ताह के भीतर स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए मुख्य सचिव को आदेश जारी किए गए हैं। उपराज्यपाल ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और सरकार व MCD के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर PG में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा पर चर्चा की।

जिलाधिकारी, पुलिस उपायुक्त और MCD उपायुक्त की समितियां PG में रहने वाले छात्रों से सीधे संपर्क करेंगी। इन समितियों के जरिए छात्रों की समस्याएं और सुरक्षा संबंधी जरूरतें समझी जाएंगी। साथ ही PG में रहने वाले छात्रों का डेटाबेस तैयार किया जाएगा।

अवैध निर्माण पर भी सख्ती

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पूरी दिल्ली में अवैध पांच मंजिला इमारतों को सील करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही PG और अन्य संवेदनशील भवनों की जांच के आदेश दिए गए हैं। सरकार ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर भी जोर दे रही है, जिसमें PG, स्कूल, नर्सिंग होम और सार्वजनिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होने वाली इमारतों का नियमित स्ट्रक्चरल ऑडिट और भवन सुरक्षा प्रमाणन अनिवार्य किया जा सके।

हालांकि उपराज्यपाल ने बिना सोचे-समझे बड़े पैमाने पर सीलिंग से बचने को कहा है, ताकि लोगों में अफरा-तफरी न फैले और बड़ी संख्या में छात्र बेघर न हों। पहले उन इलाकों में जांच पर जोर दिया गया है, जहां बड़ी संख्या में छात्र PG में रहते हैं।

सत्य निकेतन में करीब 300 मकान हैं, जिनमें लगभग 170 में PG संचालित होने की जानकारी है। हादसे के बाद प्रशासन का जोर भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा की जांच के साथ छात्रों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था पर भी है।

वहीं, हादसे के मामले में गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। उर्मिला गुप्ता और हरिराम गुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया, जबकि महेश गुप्ता को दो दिन की पुलिस हिरासत मिली। पुलिस इमारत के निर्माण, रखरखाव और PG संचालन से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।