मॉल नहीं, सड़क किनारे रुके सांसद विजय बघेल, खरीदा 1200 रुपए किलो का फूटू
दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय बघेल का सादगी भरा अंदाज एक बार फिर चर्चा में है। सांसद सड़क किनारे स्थानीय स्ट्रीट वेंडर से फूटू खरीदते नजर आए। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में बारिश के मौसम में मिलने वाले इस मौसमी मशरूम का खास महत्व है और लोग इसके स्वाद के लिए पूरे साल इंतजार करते हैं। फिलहाल बाजार में फूटू की कीमत करीब 1200 रुपए प्रति किलो तक बताई जा रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. भारती कौर, दुर्ग l दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय बघेल का सादगी भरा अंदाज एक बार फिर लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। सांसद विजय बघेल सड़क किनारे एक स्थानीय स्ट्रीट वेंडर के पास रुके और वहां से फूटू खरीदा। खास बात यह रही कि उन्होंने किसी बड़े मॉल या प्रतिष्ठित दुकान का रुख करने के बजाय सड़क किनारे रोजमर्रा की तरह सामान बेच रहे स्थानीय विक्रेता से मौसमी फूटू खरीदा।
सांसद के इस अंदाज ने स्थानीय लोगों का ध्यान खींचा। सड़क किनारे रुककर फूटू खरीदते सांसद की तस्वीरें और वीडियो भी चर्चा में हैं। फूटू को लेकर विजय बघेल ने छत्तीसगढ़ की स्थानीय परंपरा और खान-पान से इसके जुड़ाव का जिक्र किया।
बारिश में मिलने वाले फूटू का खास महत्व
छत्तीसगढ़ में बारिश के मौसम के दौरान मिलने वाले फूटू की खास मांग रहती है। स्थानीय स्तर पर इसे एक मौसमी मशरूम के रूप में जाना जाता है। बारिश शुरू होने के साथ ही ग्रामीण और शहरी बाजारों में इसकी आवक दिखाई देने लगती है। सीमित समय के लिए उपलब्ध होने के कारण कई लोग इसके मौसम का इंतजार करते हैं।
विजय बघेल ने बताया कि फूटू का स्वाद लोगों को खासा पसंद आता है। इसकी मांग और सीमित उपलब्धता के चलते इसकी कीमत सामान्य मशरूम की तुलना में अधिक रहती है। फिलहाल बाजार में फूटू करीब 1200 रुपए प्रति किलो तक बिकने की बात सामने आई है।
पारंपरिक व्यंजनों में इस्तेमाल
छत्तीसगढ़ के कई ग्रामीण क्षेत्रों में फूटू का इस्तेमाल पारंपरिक व्यंजनों में किया जाता है। स्थानीय खान-पान में मौसमी खाद्य पदार्थों की अपनी अलग पहचान रही है और फूटू भी इसी परंपरा का हिस्सा माना जाता है।
मशरूम की कुछ प्रजातियों में प्रोटीन, फाइबर, आयरन, पोटैशियम, सेलेनियम और बी-विटामिन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। हालांकि किसी खास जंगली मशरूम के औषधीय या स्वास्थ्य लाभों को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए इसे किसी बीमारी के इलाज के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
जंगली मशरूम की पहचान जरूरी
फूटू खरीदने और खाने को लेकर विशेषज्ञों की सबसे महत्वपूर्ण सलाह इसकी सही पहचान से जुड़ी है। जंगली मशरूम की कई प्रजातियां ऐसी होती हैं, जिन्हें खाना सुरक्षित नहीं होता। कुछ जहरीली प्रजातियां देखने में खाने योग्य मशरूम जैसी भी लग सकती हैं।
ऐसे में केवल सही पहचान वाले और विश्वसनीय स्रोत से प्राप्त फूटू का ही सेवन करना जरूरी है। खासकर जंगली मशरूम को बिना विशेषज्ञ जानकारी के खुद से चुनकर खाना जोखिम भरा हो सकता है।
सड़क किनारे स्थानीय विक्रेता से फूटू खरीदने का विजय बघेल का यह अंदाज जहां उनकी सादगी को दिखाता है, वहीं छत्तीसगढ़ के पारंपरिक मौसमी खान-पान के प्रति उनके जुड़ाव को भी सामने लाता है।