महादेव ऐप के खिलाफ राजभवन घेराव के लिए निकला छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच, पुलिस ने रोका

रायपुर में महादेव ऐप और ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने आंदोलन किया। राजभवन घेराव के लिए निकले कार्यकर्ताओं को पुलिस ने घासीदास प्लाजा के पास बैरिकेड लगाकर रोक दिया। इसके बाद आंदोलनकारियों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर ऑनलाइन सट्टेबाजी पर रोक और महादेव ऐप से जुड़े कथित नेटवर्क की जांच की मांग की।

Sep 8, 2026 - 12:18
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महादेव ऐप के खिलाफ राजभवन घेराव के लिए निकला छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच, पुलिस ने रोका

UNITED NEWS OF ASIA. रायपुर l महादेव ऐप और ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार को छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने रायपुर में आंदोलन किया। दोनों संगठनों के कार्यकर्ता राजभवन घेराव के लिए निकले थे, लेकिन पुलिस ने घासीदास प्लाजा के पास बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद आंदोलनकारियों ने मौके पर ही तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखीं।

छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच के केंद्रीय अध्यक्ष पूरन लाल साहू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने महादेव ऐप समेत अन्य ऑनलाइन बेटिंग और सट्टा ऐप को तत्काल बंद कराने की मांग की। उनका कहना है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क समाज के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है और इससे युवाओं एवं परिवारों पर आर्थिक और सामाजिक प्रभाव पड़ रहा है।

आंदोलनकारियों ने महादेव ऐप से जुड़े कथित नेटवर्क की जांच ईडी और सीबीआई से कराने की मांग रखी। ज्ञापन में सौरभ चंद्राकर और उनके सहयोगियों से जुड़े कथित आर्थिक नेटवर्क की जांच के साथ बैंक खातों, संपत्तियों और लेन-देन की पड़ताल की मांग भी शामिल रही। इसके अलावा दिलीप चंद्राकर की जांच और गिरफ्तारी की मांग उठाई गई।

छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच ने ऑनलाइन बेटिंग और सट्टा ऐप के प्रचार-प्रसार पर भी रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विभिन्न माध्यमों से ऑनलाइन सट्टेबाजी के प्रचार को बढ़ावा मिलने से युवाओं में इसका आकर्षण बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार को इस तरह के ऐप और उनके प्रचार पर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।

राजभवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने घासीदास प्लाजा के पास बैरिकेड लगाकर रोक दिया। पुलिस द्वारा आगे जाने की अनुमति नहीं मिलने के बाद आंदोलनकारियों ने वहीं प्रदर्शन किया और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी भी की।

मंच ने सरकार को 60 दिन का अल्टीमेटम दिया है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा। संगठन का कहना है कि यह आंदोलन केवल महादेव ऐप तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑनलाइन सट्टेबाजी के पूरे नेटवर्क और उसके प्रचार-प्रसार के खिलाफ है।

आंदोलनकारियों ने सरकार से ऑनलाइन सट्टेबाजी पर प्रभावी नियंत्रण, कथित आर्थिक नेटवर्क की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि सरकार और जांच एजेंसियां इन मांगों पर क्या कदम उठाती हैं।