Kawardha News : करंट की चपेट में घायल नन्हे बंदर ‘वायु’ को बेहतर इलाज के लिए कानन पेंडारी भेजा गया
कवर्धा में करंट की चपेट में आने से घायल हुए नन्हे बंदर ‘वायु’ को बेहतर उपचार और देखभाल के लिए कानन पेंडारी वन्य प्राणी चिकित्सालय, बिलासपुर भेजा गया। जिला पशु चिकित्सालय और वन विभाग के सहयोग से 7 सितंबर को उसे सुरक्षित रूप से चिकित्सालय स्टाफ के सुपुर्द किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। करंट की चपेट में आने से घायल हुए नन्हे बंदर के बच्चे ‘वायु’ को बेहतर उपचार और आवश्यक देखभाल के लिए कानन पेंडारी वन्य प्राणी चिकित्सालय, बिलासपुर भेजा गया है। वन विभाग और पशु चिकित्सालय के सहयोग से ‘वायु’ को सुरक्षित रूप से बिलासपुर पहुंचाकर चिकित्सालय स्टाफ के सुपुर्द किया गया, जहां अब उसका आगे उपचार किया जाएगा।
दरअसल, 28 अगस्त 2026 को बंदर के बच्चे के करंट की चपेट में आने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद उसे तत्काल जिला पशु चिकित्सालय, कवर्धा ले जाया गया। वहां डॉ. अभिषेक लांझेकर और उनकी टीम ने उसका प्राथमिक उपचार किया और आवश्यक चिकित्सकीय सहयोग प्रदान किया।
बंदर का बच्चा बेहद छोटा होने के कारण चिकित्सकों की सलाह पर कुछ दिनों तक घर पर ही उसकी नियमित देखभाल की गई। देखभाल के दौरान उसकी स्थिति में कुछ सुधार भी देखने को मिला, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं होने पर उसे दोबारा जिला पशु चिकित्सालय लाया गया।
चिकित्सकीय सलाह के बाद ‘वायु’ को बेहतर उपचार के लिए रायपुर सफारी या कानन पेंडारी वन्य प्राणी चिकित्सालय, बिलासपुर ले जाने की आवश्यकता बताई गई। इसके बाद वन विभाग कबीरधाम से संपर्क किया गया। इस दौरान एसडीओ अभिनव सर, रेंजर विप्लव जी और डिप्टी रेंजर सोनी जी से चर्चा कर आवश्यक सहयोग प्राप्त किया गया। साथ ही वन मंडलाधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर आगे की प्रक्रिया पूरी की गई।
वन विभाग के सहयोग और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद 7 सितंबर 2026 को नन्हे ‘वायु’ को सुरक्षित रूप से कानन पेंडारी वन्य प्राणी चिकित्सालय, बिलासपुर पहुंचाया गया। वहां उसे आगे के उपचार और आवश्यक देखभाल के लिए चिकित्सालय स्टाफ के सुपुर्द कर दिया गया है।
सहयोग के लिए जताया आभार
हनुमंत सेवा समिति, कवर्धा के दीपक सोनी ने ‘वायु’ के उपचार और उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाने में सहयोग करने के लिए वन विभाग कबीरधाम और जिला पशु चिकित्सालय कवर्धा का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने वन मंडलाधिकारी, वन परिक्षेत्र अधिकारी, एसडीओ अभिनव सर, रेंजर विप्लव जी, डिप्टी रेंजर सोनी जी सहित पूरी वन विभाग टीम, डॉ. अभिषेक लांझेकर एवं जिला पशु चिकित्सालय कवर्धा की टीम तथा श्री नीलू सोनी के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
दीपक सोनी ने कहा कि सभी के संवेदनशील प्रयासों और सहयोग से नन्हे ‘वायु’ को बेहतर उपचार की उम्मीद मिली है। अब उसके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।