सुशासन तिहार 2026: पिनकापार में लगा पहला जनसमस्या निवारण शिविर, मौके पर ही हुआ समाधान
बालोद जिले के पिनकापार में सुशासन तिहार 2026 के तहत पहला जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित हुआ, जहां 20 ग्राम पंचायतों से आए आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। शिविर में हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l सुशासन तिहार 2026 के तहत बालोद जिले के डौण्डीलोहारा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पिनकापार में जिले का पहला जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया। यह शिविर आम नागरिकों के लिए राहत और सौगातों से भरा साबित हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया और विभिन्न योजनाओं का लाभ भी वितरित किया गया।
पिनकापार क्लस्टर के अंतर्गत आने वाली लगभग 20 ग्राम पंचायतों से प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा गंभीरता से लेते हुए शिविर स्थल पर ही निराकृत किया गया। इससे ग्रामीणों को तत्काल राहत मिली और प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ।
शिविर में कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक सहित कई विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कलेक्टर ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कुल 32 ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि शिविरों में प्राप्त सभी आवेदनों का निराकरण एक माह के भीतर किया जाएगा। इसके अलावा, नागरिकों की शिकायतों को दर्ज करने के लिए ‘समाधान पेटी’ की व्यवस्था भी की गई है।
शिविर के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा अपने-अपने योजनाओं की जानकारी दी गई और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। मूक बधिर संघ को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई, वहीं मछुआ समिति को मछली पकड़ने के लिए जाल वितरित किए गए। किसानों को कृषि कार्य में सहूलियत देने के लिए स्प्रेयर मशीन और मृदा हेल्थ कार्ड दिए गए।
इसके अलावा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), श्रम कार्ड तथा आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र वितरित किए गए। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को श्रवण यंत्र प्रदान किए गए और बुजुर्गों को सहारे के लिए छड़ी दी गई।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं को सुपोषण किट वितरित की गई। साथ ही छोटे बच्चों के अन्नप्राशन संस्कार का आयोजन किया गया और बालिकाओं को स्वच्छता किट प्रदान की गई। यह पहल स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
शिविर में जल संरक्षण और बाल विवाह रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों पर भी जागरूकता अभियान चलाया गया। उपस्थित लोगों को इन विषयों पर शपथ दिलाई गई, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संदेश दिया गया।
कुल मिलाकर, पिनकापार में आयोजित यह जनसमस्या निवारण शिविर प्रशासन और आमजन के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम बना। इस पहल से न केवल लोगों की समस्याओं का समाधान हुआ, बल्कि उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ भी सीधे तौर पर प्राप्त हुआ, जिससे सुशासन की अवधारणा को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।