सुशासन तिहार 2026: पिनकापार शिविर में दिव्यांगजनों को मिला सम्मान, श्रवण यंत्र व प्रमाण पत्र वितरित

बालोद जिले के पिनकापार में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को श्रवण यंत्र, छड़ी और दिव्यांगता प्रमाण पत्र वितरित किए गए। शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण, यूडीआईडी कार्ड निर्माण और आवागमन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं।

May 5, 2026 - 10:45
 0  20
सुशासन तिहार 2026: पिनकापार शिविर में दिव्यांगजनों को मिला सम्मान, श्रवण यंत्र व प्रमाण पत्र वितरित

UNITED NEWS OF ASIA, सुनील साहू, बालोद l सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बालोद जिले में जनसमस्या निवारण शिविरों की श्रृंखला की शुरुआत डौण्डीलोहारा विकासखंड के ग्राम पिनकापार से की गई। इस अवसर पर आयोजित शिविर में समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों के लिए विशेष पहल करते हुए उन्हें विभिन्न प्रकार की सुविधाएं और सहायता सामग्री उपलब्ध कराई गई।

ग्राम पिनकापार में आयोजित इस शिविर में पिनकापार सहित आसपास की लगभग 20 ग्राम पंचायतों से बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं हितग्राही पहुंचे। शिविर का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और शासन की योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाना रहा। इसी कड़ी में समाज कल्याण विभाग ने दिव्यांगजनों के लिए विशेष प्रबंध किए।

शिविर के दौरान उपस्थित जिला मेडिकल बोर्ड के सदस्यों द्वारा दिव्यांगजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही, नए दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने, पुराने प्रमाण पत्रों के नवीनीकरण और यूडीआईडी (Unique Disability ID) कार्ड तैयार करने की प्रक्रिया भी मौके पर ही पूरी की गई। इससे दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में आसानी होगी।

समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शिविर में दिव्यांगता पेंशन से संबंधित आवेदन पत्र भी भरवाए गए और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अलावा, दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को श्रवण यंत्र और सहारे के लिए छड़ी भी वितरित की गई, जिससे उनके दैनिक जीवन को सरल और सुगम बनाने में सहायता मिलेगी।

इस शिविर की खास बात यह रही कि दूर-दराज के गांवों में रहने वाले दिव्यांगजनों के लिए विशेष वाहन व्यवस्था की गई थी, ताकि वे बिना किसी परेशानी के शिविर स्थल तक पहुंच सकें। इसके साथ ही, शिविर में आए सभी दिव्यांगजनों के लिए नाश्ता, भोजन और पेयजल की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई थी, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

समाज कल्याण विभाग के उप संचालक ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिले में आयोजित होने वाले सभी जनसमस्या निवारण शिविरों में दिव्यांगजनों को प्राथमिकता दी जाएगी। उनका लक्ष्य है कि जिले के प्रत्येक दिव्यांग व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचे और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिले।

इस आयोजन के माध्यम से न केवल दिव्यांगजनों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, बल्कि उनके प्रति समाज में जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाने का भी प्रयास किया गया। शिविर ने यह साबित किया कि यदि प्रशासन और विभाग मिलकर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें, तो आमजन, विशेषकर दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

कुल मिलाकर, पिनकापार में आयोजित यह जनसमस्या निवारण शिविर दिव्यांगजनों के लिए राहत और सहारे का केंद्र बना, जहां उन्हें सम्मान के साथ आवश्यक सेवाएं और सुविधाएं प्रदान की गईं, जो सुशासन तिहार की भावना को साकार करता है।