बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ केंद्रीय पदाधिकारी V. Bhagaiah और Swant Ranjan का विशेष सानिध्य प्राप्त हुआ। इसके साथ ही स्वदेशी जागरण मंच के प्रमुख पदाधिकारियों R. Sundaram, Bhagwati Prakash Sharma और Kashmiri Lal सहित अन्य केंद्रीय अधिकारियों ने दोनों दिनों तक उपस्थित कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन दिया।
बैठक से पूर्व स्थानीय इकाई द्वारा एक उद्यमी सम्मान समारोह और स्वदेशी उत्पादों की प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया। इस कार्यक्रम के उद्घाटन में राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma सहित राज्य के दो मंत्री और विधायक भी शामिल हुए। कार्यक्रम में स्वदेशी उद्यमिता को बढ़ावा देने और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया।
राष्ट्रीय परिषद बैठक में देश के 45 प्रांतों से कुल 395 कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें 65 महिलाएं भी थीं। इसके अलावा विचार परिवार से जुड़े कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया। इनमें Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad, Vidya Bharati, Sahakar Bharati, Hindu Jagran Manch, ग्राहक पंचायत सहित अन्य सामाजिक और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे।
बैठक में भारत और Artificial Intelligence के विषय पर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया। साथ ही वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिदृश्य और युवाओं में सोशल मीडिया के बढ़ते दुष्प्रभावों पर भी गंभीर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ स्वदेशी सोच और आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करना आवश्यक है।
बैठक के दौरान आगामी कार्ययोजना के तहत चार प्रमुख विषयों—विकास का भारतीय प्रतिमान, विश्व व्यापार समझौते, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और युगानुकूल स्वदेशी—पर अलग-अलग कार्यदल गठित करने पर सहमति बनी। इन कार्यदल का उद्देश्य इन विषयों पर गहन अध्ययन कर नीतिगत सुझाव तैयार करना होगा।
इसके अलावा स्वावलंबी भारत अभियान को आगे बढ़ाने के लिए देशभर के सभी जिलों में स्वावलंबन केंद्र स्थापित करने और जिला स्तर पर प्रशिक्षकों की नियुक्ति करने का निर्णय भी लिया गया। इसके माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार, उद्यमिता और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है।
बैठक में स्वदेशी शोध संस्थान, स्वदेशी व्यापारी जुटान, BGIF, स्वदेशी मेला, निर्यातक फोरम, वित्त सलाहकार परिषद, महिला कार्य, युवा कार्य और पर्यावरण कार्य जैसे विभिन्न क्षेत्रों के लिए भी आगामी योजनाएं तय की गईं।
स्वदेशी जागरण मंच की यह राष्ट्रीय परिषद बैठक देश में स्वदेशी विचारधारा को मजबूत करने और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।