जानकारी के अनुसार, आर. वेंकटेश्वरलु इससे पहले ओडिशा के कोरापुट में प्रोजेक्ट डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे। सड़क एवं अधोसंरचना परियोजनाओं के क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए अब उन्हें रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं निवर्तमान क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप कुमार लाल का स्थानांतरण भुवनेश्वर क्षेत्रीय कार्यालय में किया गया है। उन्होंने कार्यमुक्त होने के बाद नए पद पर अपनी जिम्मेदारी संभालने के लिए प्रस्थान किया।
पदभार ग्रहण करने के बाद आर. वेंकटेश्वरलु ने कहा कि छत्तीसगढ़ में एनएचएआई द्वारा संचालित सभी सड़क और राजमार्ग परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्ध लक्ष्य उनकी प्राथमिकता में रहेंगे। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से टीम भावना के साथ कार्य करने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि ये किसी भी राज्य के आर्थिक विकास, व्यापार, परिवहन और रोजगार के अवसरों को भी मजबूत करती हैं। ऐसे में परियोजनाओं का समय पर पूरा होना बेहद जरूरी है। उन्होंने संकेत दिए कि लंबित परियोजनाओं की समीक्षा कर कार्यों में तेजी लाई जाएगी।
छत्तीसगढ़ में एनएचएआई की कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं वर्तमान में संचालित हैं। इनमें राष्ट्रीय राजमार्गों का चौड़ीकरण, नई सड़क परियोजनाएं, पुल निर्माण और यातायात सुविधा सुधार से जुड़े कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से राज्य में परिवहन व्यवस्था और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार, रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय की जिम्मेदारी काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि छत्तीसगढ़ देश के मध्य क्षेत्र में स्थित होने के कारण सड़क संपर्क के लिहाज से रणनीतिक महत्व रखता है। राज्य में बढ़ते औद्योगिक निवेश और परिवहन जरूरतों को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार लगातार किया जा रहा है।
कार्यालय में पदभार ग्रहण समारोह के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने नए क्षेत्रीय अधिकारी का स्वागत किया तथा भविष्य में बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने का भरोसा दिलाया। वहीं निवर्तमान अधिकारी प्रदीप कुमार लाल के कार्यकाल की भी सराहना की गई।
एनएचएआई में हुए इस प्रशासनिक बदलाव से अब उम्मीद की जा रही है कि छत्तीसगढ़ की सड़क परियोजनाओं को नई गति मिलेगी और लंबित कार्यों में तेजी आएगी।