ग्राम रेमड़ा में सुशासन तिहार शिविर संपन्न, विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

बसना विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रेमड़ा में आयोजित सुशासन तिहार 2026 जनसमस्या निवारण शिविर में विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने जनता से सीधा संवाद किया। शिविर में 931 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 149 मामलों का तत्काल निराकरण किया गया। विधायक ने अधिकारियों को समय-सीमा में समस्याओं के समाधान के सख्त निर्देश दिए।

May 7, 2026 - 12:53
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ग्राम रेमड़ा में सुशासन तिहार शिविर संपन्न, विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l महासमुंद जिले के बसना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रेमड़ा में आयोजित ‘सुशासन तिहार 2026’ जनसमस्या निवारण शिविर में प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद देखने को मिला। विकासखंड पिथौरा के हाई स्कूल परिसर में आयोजित इस शिविर में बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। “संवाद से समाधान” थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं और मांगें प्रशासन के सामने रखीं।

कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पूजा-अर्चना के साथ हुआ। शिविर को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शिता और सरलता के साथ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सुशासन का असली अर्थ यही है कि आम नागरिकों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और प्रशासन खुद जनता के द्वार तक पहुंचे।

विधायक ने शिविर में लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों से विभागीय कार्यों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने राजस्व, कृषि, स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र हितग्राही को तकनीकी कारणों या कागजी प्रक्रियाओं के चलते योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए।

डॉ. संपत अग्रवाल ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं की जानकारी सरल और स्थानीय भाषा में ग्रामीणों तक पहुंचाई जाए, ताकि लोग जागरूक होकर योजनाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता गांव-गांव तक विकास और सुविधाओं को पहुंचाना है।

कार्यक्रम के दौरान विधायक ने स्थानीय महिलाओं को सुपोषित आहार किट भी वितरित किए। उन्होंने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज की नींव स्वस्थ माताएं और बच्चे होते हैं। उन्होंने महिलाओं से पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की अपील की।

शिविर में कुल 931 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याएं और मांगें शामिल थीं। इनमें से 149 आवेदनों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि 472 आवेदन संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए सौंपे गए। इससे ग्रामीणों में संतोष और विश्वास का माहौल देखने को मिला।

समापन सत्र में विधायक ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं को अपनी जिम्मेदारी समझकर त्वरित समाधान करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या हीला-हवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष उषा पुरुषोत्तम धृतलहरे, सांसद प्रतिनिधि मनमीत छाबड़ा, विभिन्न जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही। यह शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक पहुंच और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।