प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से छत्तीसगढ़ में मातृ सुरक्षा को मिली नई मजबूती
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सुरक्षित मातृत्व और महिला सशक्तिकरण की मजबूत कड़ी बनकर उभरी है। योजना के तहत गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य ने डिजिटल मॉनिटरिंग और पारदर्शी भुगतान प्रणाली में देशभर में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति का सबसे बड़ा आधार वहां की माताओं और बच्चों का स्वास्थ्य माना जाता है। इसी सोच को मजबूत करते हुए छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना ने सुरक्षित मातृत्व और महिला कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। राज्य सरकार और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रयासों से यह योजना अब केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि मातृ सुरक्षा और स्वस्थ समाज के निर्माण का मजबूत माध्यम बन चुकी है।
1 जनवरी 2017 से संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि उनके पोषण स्तर में सुधार हो सके और सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा मिले। छत्तीसगढ़ में योजना के तहत पहली जीवित संतान के जन्म पर महिलाओं को 5 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है। वहीं दूसरी संतान के रूप में बेटी के जन्म पर 6 हजार रुपये की विशेष सहायता प्रदान की जाती है। इस पहल का उद्देश्य बालिका जन्म को प्रोत्साहित करना और कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक समस्याओं पर रोक लगाना भी है।
राज्य में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में इस योजना को मिशन मोड पर संचालित किया जा रहा है। विशेष रूप से दूरस्थ ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों और स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारियों ने घर-घर जाकर पंजीयन सुनिश्चित किया है।
छत्तीसगढ़ ने डिजिटल मॉनिटरिंग और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली के प्रभावी उपयोग में देशभर में अग्रणी स्थान हासिल किया है। वर्ष 2023-24 में जहां 1 लाख 75 हजार 797 महिलाओं का पंजीयन हुआ था, वहीं 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 2 लाख 19 हजार 012 तक पहुंच गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 में फरवरी तक 2 लाख 04 हजार 138 महिलाओं का पंजीयन किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का 93.3 प्रतिशत माना जा रहा है।
योजना की सबसे बड़ी विशेषता केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मातृ और शिशु स्वास्थ्य सुधार की दिशा में भी प्रभावी साबित हो रही है। समय पर मिलने वाली सहायता राशि से महिलाओं को बेहतर पोषण मिल रहा है, जिससे एनीमिया जैसी समस्याओं से लड़ने में मदद मिली है। साथ ही संस्थागत प्रसव और टीकाकरण को भी बढ़ावा मिला है।
राज्य सरकार ने शिकायत निवारण व्यवस्था को भी मजबूत बनाया है। लगभग 93 प्रतिशत शिकायतों का त्वरित समाधान कर लाभार्थियों का विश्वास बढ़ाया गया है। इससे योजना के प्रति लोगों में सकारात्मक सोच विकसित हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना केवल आर्थिक सहायता कार्यक्रम नहीं, बल्कि मातृ सुरक्षा, महिला सम्मान और स्वस्थ भविष्य की दिशा में एक बड़ी सामाजिक पहल है। छत्तीसगढ़ ने इस योजना के सफल क्रियान्वयन से देशभर के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।