UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह रायपुर l नई दिल्ली में आयोजित रसायन एवं उर्वरक संबंधी स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक में रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने देश के उर्वरक और औषधि क्षेत्र में सुधारों को लेकर कई अहम सुझाव दिए। बैठक में औद्योगिक विकास, किसानों की जरूरतों और दवा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान उर्वरक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) की निष्क्रिय पड़ी संपत्तियों की समीक्षा की गई। इस दौरान बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि देश की मूल्यवान औद्योगिक संपत्तियों का लंबे समय तक निष्क्रिय रहना राष्ट्रीय विकास के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने सुझाव दिया कि इन निष्क्रिय संसाधनों का पुनरुद्धार कर उर्वरक उत्पादन क्षमता को बढ़ाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि देश में खाद उत्पादन बढ़ेगा तो किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हो सकेगा। इससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ मिलेगा। उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ सहित कृषि प्रधान राज्यों के किसानों की जरूरतों का उल्लेख करते हुए कहा कि खाद की उपलब्धता किसानों की सबसे बड़ी आवश्यकताओं में से एक है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बैठक में दवा उद्योग से जुड़े विषयों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने उत्पादन संबद्ध प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) और एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रीडिएंट (API) के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को दवा निर्माण के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने के लिए एपीआई उत्पादन बढ़ाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यदि देश में एपीआई उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा तो दवाओं की लागत कम होगी और आम लोगों को सस्ती दवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। साथ ही इससे देश के विभिन्न राज्यों में औद्योगिक निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ को औद्योगिक निवेश के लिए संभावनाओं से भरा राज्य बताते हुए कहा कि यहां दवा उद्योग और संबंधित क्षेत्रों में बड़े निवेश की संभावना है।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि औद्योगिक विकास से राज्य के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि युवाओं और किसानों को सशक्त बनाना भी है।
बैठक के बाद उन्होंने कहा कि उनका हर प्रयास छत्तीसगढ़ और देश के किसानों, मजदूरों तथा युवाओं के हितों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूत बनाने में छत्तीसगढ़ की भूमिका आने वाले समय में और अधिक महत्वपूर्ण होगी। उर्वरक और दवा क्षेत्र में सुधारों के जरिए देश आर्थिक रूप से मजबूत बनेगा और किसानों तथा युवाओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा।