कोरिया के डुमरिया मंदिर परिसर में मिला नवजात शिशु, पुलिस ने दिखाई संवेदनशीलता
कोरिया जिले के ग्राम डुमरिया में मंदिर परिसर के पास एक नवजात शिशु लावारिस हालत में मिला। सूचना मिलते ही थाना पटना पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को सुरक्षित संरक्षण में लेकर उपचार की व्यवस्था कराई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
UNITED NEWS OF ASIA. जमील अंसारी, कोरिया l कोरिया जिले के थाना पटना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डुमरिया में मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। गांव के मंदिर परिसर के पास एक नवजात शिशु को अज्ञात व्यक्ति द्वारा रात के समय छोड़कर चले जाने की जानकारी मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही थाना पटना पुलिस ने तत्परता और संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल मौके पर पहुंचकर नवजात शिशु को सुरक्षित संरक्षण में लिया।
जानकारी के अनुसार ग्राम डुमरिया स्थित मंदिर के आसपास ग्रामीणों ने नवजात शिशु के रोने की आवाज सुनी। जब स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि एक नवजात बच्चे को मंदिर परिसर के पास छोड़ दिया गया है। इसके बाद तत्काल इसकी सूचना थाना पटना पुलिस को दी गई।
सूचना प्राप्त होते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नवजात को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। पुलिस ने शिशु की हालत को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर उसके स्वास्थ्य और सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की। नवजात को तत्काल आवश्यक उपचार और देखरेख के लिए संबंधित स्वास्थ्य विभाग और चाइल्ड केयर अधिकारियों को सौंपा गया।
थाना पटना पुलिस की इस संवेदनशील कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते पुलिस मौके पर पहुंच गई, जिससे नवजात की जान सुरक्षित बचाई जा सकी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बच्चे की सुरक्षा और उचित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात व्यक्ति की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर नवजात को मंदिर परिसर में कौन और किन परिस्थितियों में छोड़कर गया। पुलिस आसपास लगे संभावित सीसीटीवी कैमरों और अन्य सुरागों की भी जांच कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं सामाजिक जागरूकता और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। नवजात शिशु को असुरक्षित स्थान पर छोड़ना उसके जीवन के लिए बड़ा खतरा बन सकता था। हालांकि समय पर पुलिस और स्थानीय लोगों की सक्रियता से एक बड़ा हादसा टल गया।
बाल संरक्षण से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि नवजात शिशु की देखभाल और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जरूरत पड़ने पर बच्चे को बाल संरक्षण गृह में रखा जाएगा, जहां उसकी उचित परवरिश और स्वास्थ्य देखभाल की व्यवस्था की जाएगी।
थाना पटना पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में मानवता और संवेदनशील पुलिसिंग की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच में कब तक उस अज्ञात व्यक्ति की पहचान हो पाती है जिसने नवजात को मंदिर परिसर में छोड़ दिया।