बचेली में स्वच्छता अभियान पर सवाल, सुलभ शौचालयों पर लटके ताले से लोगों में नाराजगी
दंतेवाड़ा जिले के बचेली नगर में स्वच्छता अभियान की स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कई वार्डों में बने सुलभ शौचालय बंद पड़े हैं और उन पर ताले लटके मिले। स्थानीय लोगों ने सफाई व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर नाराजगी जताई है।
UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, दंतेवाड़ा l दंतेवाड़ा जिले के बचेली नगर में स्वच्छता अभियान की जमीनी स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक ओर शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई वार्डों में बने सुलभ शौचालय बंद पड़े हैं और उन पर ताले लटके दिखाई दे रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी का माहौल है।
जानकारी के अनुसार बचेली नगर के वार्ड क्रमांक 17, 5, 12 और 7 में बने सार्वजनिक सुलभ शौचालयों की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि शौचालयों की नियमित सफाई और देखरेख नहीं होने के कारण वहां गंदगी का अंबार लगा हुआ है। कई जगह पाइपलाइन जाम होने और दुर्गंध फैलने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
लोगों का कहना है कि जिन शौचालयों का निर्माण आम जनता की सुविधा के लिए किया गया था, वे अब उपयोग के लायक नहीं बचे हैं। कई शौचालयों पर ताले लगे हुए हैं और वहां कोई कर्मचारी या जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं रहता। ऐसे में लोगों को खुले में शौच जाने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय वार्डवासियों ने आरोप लगाया कि स्वच्छता अभियान केवल कागजों और प्रचार तक सीमित होकर रह गया है। उनका कहना है कि हाल ही में नगर में सफाई अभियान चलाया गया था, लेकिन वह केवल औपचारिकता साबित हुआ। कुछ दिनों की सफाई के बाद फिर से वही अव्यवस्था और गंदगी का माहौल बन गया है।
नगरवासियों का कहना है कि यदि सार्वजनिक शौचालय ही बंद रहेंगे और सफाई व्यवस्था ठप रहेगी, तो स्वच्छता अभियान का उद्देश्य कैसे पूरा होगा। लोगों ने संबंधित विभाग और नगर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिम्मेदार अधिकारी समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शौचालयों की सफाई, मरम्मत और नियमित संचालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि आम जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्वच्छता अभियान केवल सफाई कार्यक्रमों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि सार्वजनिक सुविधाओं का नियमित रखरखाव और प्रभावी संचालन भी जरूरी है। सार्वजनिक शौचालयों की खराब स्थिति स्वास्थ्य और स्वच्छता दोनों के लिए खतरा बन सकती है।
बचेली नगर में सामने आई यह स्थिति स्वच्छता व्यवस्था की वास्तविकता को उजागर करती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए सुधारात्मक कदम उठाता है और लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में कितना सफल होता है।