आंगनबाड़ियों में भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा: घुन लगी दाल खा रहे नौनिहाल, अधिकारी कर रहे कागजी निरीक्षण

तखतपुर के पोंगरिहा आंगनबाड़ी केंद्र में सप्लाई की गई दाल में घुन पाए जाने से गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। बार-बार शिकायत के बावजूद अधिकारी केवल ऑफिस में बैठकर निरीक्षण कर रहे हैं। खराब खाद्य सामग्री से बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग की, लेकिन विभागीय अधिकारी जवाब देने से बचते दिखे।

Nov 19, 2025 - 13:21
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आंगनबाड़ियों में भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा: घुन लगी दाल खा रहे नौनिहाल, अधिकारी कर रहे कागजी निरीक्षण

 UNITED NEWS OF ASIA. लानत है… तखतपुर जनपद के पोंगरिहा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 01 में घोर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां नौनिहालों को घुन लगी दाल खिलाई जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार आंगनबाड़ियों में पोषण अभियान को मजबूत बनाने और बच्चों के शारीरिक एवं बौद्धिक विकास के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, मगर महिला एवं बाल विकास विभाग की उदासीनता और निरीक्षण व्यवस्था के अभाव ने पूरी व्यवस्था की पोल खोल दी है।

केंद्र में सप्लाई की गई दाल में बड़े पैमाने पर घुन लगा पाया गया। आंगनबाड़ी कर्मियों के अनुसार, बार-बार शिकायत करने के बावजूद उच्च अधिकारी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं, जिसकी वजह से उन्हें मजबूरी में बच्चों को खराब और घुनयुक्त दाल से बने भोजन परोसना पड़ रहा है। इस तरह की घातक लापरवाही से बच्चों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। पोषण के नाम पर मिल रहा यह निम्न स्तरीय भोजन बीमारियों को दावत दे रहा है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी स्थिति केवल पोंगरिहा में ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में कई आंगनबाड़ी केंद्रों में देखने को मिल रही है। बच्चों को दिए जाने वाले गरम भोजन की गुणवत्ता की जांच महीनों से नहीं हुई। विभागीय अधिकारी कार्यालय में बैठकर फोन पर निरीक्षण की औपचारिकता निभा रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत पूरी तरह भिन्न है।

जब इस मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग के ब्लॉक परियोजना अधिकारी अमित भारत से सवाल किया गया, तो उन्होंने जवाबदेही से बचते हुए कुछ भी कहने से साफ इंकार कर दिया। ग्रामीणों और आंगनबाड़ी कर्मियों ने कई बार संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

अब देखने वाली बात यह है कि जिला प्रशासन बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर कब और क्या कार्रवाई करता है। क्या दोषी अधिकारियों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा—यह आने वाला समय तय करेगा।