भैरुंदा में गो तस्करी का भंडाफोड़: बजरंग दल कार्यकर्ताओं और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 5 आरोपी गिरफ्तार

सीहोर जिले की भैरुंदा तहसील में गोवंश की अवैध तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। बजरंग दल कार्यकर्ताओं की सूचना पर पुलिस ने ग्राम भादाकुई क्षेत्र में दबिश देकर बोलेरो पिकअप वाहन से 5 गाय के बछड़ों को बरामद किया। इस दौरान 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

Apr 30, 2026 - 18:42
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भैरुंदा में गो तस्करी का भंडाफोड़: बजरंग दल कार्यकर्ताओं और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 5 आरोपी गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA. घनश्याम शर्मा, भेरूंदा l सीहोर जिले की भैरुंदा तहसील से गोवंश तस्करी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर प्रदेश में पशु तस्करी की समस्या को उजागर कर दिया है। प्रतिबंध के बावजूद गोवंश का अवैध परिवहन जारी है, जिसे रोकने के लिए प्रशासन और सामाजिक संगठनों को लगातार सतर्क रहना पड़ रहा है। इस ताजा घटना में बजरंग दल कार्यकर्ताओं और पुलिस की तत्परता से एक बड़ी तस्करी की कोशिश नाकाम कर दी गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, भैरुंदा थाना क्षेत्र के ग्राम भादाकुई में गोवंश के अवैध परिवहन की सूचना बजरंग दल कार्यकर्ताओं को मिली थी। सूचना मिलते ही कार्यकर्ताओं ने तुरंत पुलिस को अवगत कराया। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एक बोलेरो पिकअप वाहन को रोका और उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन में 5 गाय के बछड़ों को अत्यंत क्रूर और अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंस कर भरा हुआ पाया गया।

पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवराज सोलंकी, ओंकार बारेला, राजेश बरडे, सरपीया बरडे और सुनील सोलंकी के रूप में हुई है। पूछताछ में यह सामने आया कि आरोपी इन बछड़ों को प्रदेश से बाहर ले जाने की तैयारी में थे।

इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 और मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। साथ ही, तस्करी में प्रयुक्त बोलेरो पिकअप वाहन को भी जब्त कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।

यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि पशुओं के प्रति हो रही अमानवीयता को भी उजागर करती है। प्रदेश में गोवंश संरक्षण के लिए सख्त कानून लागू होने के बावजूद इस तरह की घटनाएं सामने आना चिंता का विषय है। हालांकि, भैरुंदा पुलिस की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कानून का उल्लंघन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी इसी तरह सख्ती बरती जाएगी। साथ ही प्रशासन से यह मांग भी की जा रही है कि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी और सख्त की जाए।

कुल मिलाकर, यह घटना एक चेतावनी है कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ अब प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है और समाज भी इसमें सहयोग कर रहा है।