डोंगरगढ़ में अवैध शराब का बड़ा जाल बेनकाब, 243 बल्क लीटर व्हिस्की जब्त, मुख्य आरोपी फरार

डोंगरगढ़ के ग्राम कातलवाही में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 243 बल्क लीटर मध्य प्रदेश निर्मित अवैध व्हिस्की और नकली पैकेजिंग सामग्री जब्त की। छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपी फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।

Apr 30, 2026 - 19:04
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डोंगरगढ़ में अवैध शराब का बड़ा जाल बेनकाब, 243 बल्क लीटर व्हिस्की जब्त, मुख्य आरोपी फरार

UNITED NEWS OF ASIA. नेमिश अग्रवाल, डोंगरगढ़ l  डोंगरगढ़ क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। ग्राम कातलवाही में की गई इस छापेमारी में भारी मात्रा में मध्य प्रदेश निर्मित अवैध विदेशी शराब के साथ-साथ नकली पैकेजिंग का पूरा तंत्र भी उजागर हुआ है। इस कार्रवाई ने क्षेत्र में चल रहे अवैध शराब कारोबार की गहराई और उसके फैलाव को स्पष्ट कर दिया है।

यह कार्रवाई प्रभारी सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी के नेतृत्व में की गई। पुख्ता सूचना के आधार पर आबकारी टीम ने देर शाम ग्राम कातलवाही स्थित नाले के किनारे अवैध भंडारण की आशंका पर दबिश दी। टीम ने बिना सर्च वारंट के भिखारी निषाद के बाड़ी स्थित मकान पर छापा मारा, जहां से भारी मात्रा में शराब बरामद की गई।

तलाशी के दौरान कुल 243 बल्क लीटर अवैध व्हिस्की जब्त की गई, जिसमें 264 बोतल (750 मिली) बॉम्बे व्हिस्की और 250 पाव (180 मिली) गोवा व्हिस्की शामिल हैं। इतनी बड़ी मात्रा में शराब की बरामदगी यह दर्शाती है कि यह कोई छोटा-मोटा कारोबार नहीं, बल्कि एक संगठित और बड़े स्तर पर संचालित नेटवर्क है।

कार्रवाई के दौरान केवल शराब ही नहीं, बल्कि नकली पैकेजिंग सामग्री का भी बड़ा जखीरा मिला। मौके से 200 खाली बोतलें जिन पर मध्य प्रदेश का लेबल लगा हुआ था, 500 खाली पाव जिन पर छत्तीसगढ़ का लेबल था, 220 टूटे हुए ढक्कन और 715 साबुत ढक्कन बरामद किए गए। इन सामग्रियों से यह साफ संकेत मिलता है कि यहां अवैध शराब की री-पैकिंग कर उसे अलग-अलग राज्यों के नाम पर बाजार में खपाया जा रहा था।

हालांकि, इस पूरी कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी चंद्रकांत सेन उर्फ सोनू मौके से फरार हो गया। आबकारी विभाग ने उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(2), 36 और 59(क) के तहत गैर-जमानती मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।

गौरतलब है कि डोंगरगढ़ क्षेत्र में इससे पहले भी अवैध शराब से जुड़े कई मामलों का खुलासा हो चुका है। पूर्व में भी टैंकर, रैपर और अन्य पैकिंग सामग्री जब्त की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद इस अवैध कारोबार का पूरी तरह से अंत नहीं हो पाया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि इस नेटवर्क के पीछे कोई बड़ा मास्टरमाइंड है, जो अब तक कानून की पकड़ से बाहर है।

इस कार्रवाई को लेकर आबकारी उप निरीक्षक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और ऐसे अवैध कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध शराब का निर्माण या बिक्री होती दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

कुल मिलाकर, डोंगरगढ़ में की गई यह कार्रवाई अवैध शराब कारोबार के खिलाफ एक बड़ा कदम है, लेकिन इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचना अभी बाकी है। जब तक इसके असली सरगना को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक इस तरह के गोरखधंधों पर पूरी तरह लगाम लगाना चुनौतीपूर्ण बना रहेगा।