मनेन्द्रगढ़ में नाबालिग से दुष्कर्म मामला: 24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार, पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मनेन्द्रगढ़ सिटी कोतवाली पुलिस ने नाबालिग से जुड़े दुष्कर्म मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
UNITED NEWS OF ASIA. जमील अंसारी l मनेन्द्रगढ़ में नाबालिग से जुड़े एक गंभीर दुष्कर्म मामले में पुलिस ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर सराहनीय कार्य किया है। इस घटना ने क्षेत्र में चिंता का माहौल पैदा किया था, लेकिन पुलिस की सक्रियता ने लोगों का भरोसा मजबूत किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी ने सिटी कोतवाली मनेन्द्रगढ़ थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसकी 17 वर्षीय नाबालिग पुत्री के साथ आरोपी द्वारा लंबे समय से अनुचित व्यवहार और दैहिक शोषण किया जा रहा था। शिकायत मिलते ही पुलिस ने गंभीरता को समझते हुए तत्काल मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने अपराध क्रमांक 108/2026 दर्ज करते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(एम) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। इसके बाद जांच प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने पीड़िता और प्रार्थी के बयान विधिवत दर्ज किए। साथ ही आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया और मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए। इन साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की संलिप्तता स्पष्ट हो गई, जिसके बाद उसकी तलाश शुरू कर दी गई।
जांच के आधार पर आरोपी की पहचान मो. आयान (23 वर्ष), निवासी मौहारपारा, मनेन्द्रगढ़ के रूप में की गई। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए 29 अप्रैल 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह (आईपीएस) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र नायक के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी निरीक्षक विवेक पाटले के नेतृत्व में की गई।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को उसके वैधानिक अधिकारों की जानकारी दी गई और नियमानुसार उसके परिजनों को सूचित किया गया। इसके पश्चात उसे माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है और पुलिस आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है।
इस पूरे मामले में पुलिस टीम के कई अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका सराहनीय रही। इनमें निरीक्षक विवेक पाटले, उपनिरीक्षक जया लक्ष्मी, प्रधान आरक्षक सुनील रजक, महिला आरक्षक उषा रजवाड़े और आरक्षक परमित शामिल हैं। इन सभी ने मिलकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की।
यह घटना समाज में जागरूकता की आवश्यकता को भी उजागर करती है। ऐसे मामलों में समय पर शिकायत और पुलिस की तत्परता से ही पीड़ितों को न्याय मिल सकता है। मनेन्द्रगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और कानून का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा।
पुलिस विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और समाज में सुरक्षा का माहौल बना रहे।