कबीरधाम में अंधे कत्ल का खुलासा: 5 दिन में पुणे से मुख्य आरोपी गिरफ्तार, प्रेम संबंध बना हत्या की वजह

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम में रानीदहरा जलप्रपात के पास मिले अज्ञात महिला के शव मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। महज 5 दिनों में मुख्य आरोपी को पुणे से गिरफ्तार किया गया। प्रेम संबंध और बदनामी के डर में हत्या की साजिश रची गई थी।

Mar 26, 2026 - 18:46
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कबीरधाम में अंधे कत्ल का खुलासा: 5 दिन में पुणे से मुख्य आरोपी गिरफ्तार, प्रेम संबंध बना हत्या की वजह

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में एक सनसनीखेज अंधे कत्ल का पुलिस ने बेहद कम समय में खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है। रानीदहरा जलप्रपात के पास अज्ञात महिला का शव मिलने के बाद शुरू हुई जांच ने महज 5 दिनों के भीतर इस जघन्य अपराध की पूरी सच्चाई सामने ला दी।

दरअसल, 19 मार्च 2026 को रानीदहरा जलप्रपात के समीप एक अज्ञात महिला का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। प्रारंभ में मृतिका की पहचान नहीं हो पाने के कारण यह मामला बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण बन गया था। थाना बोड़ला में इस संबंध में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।

कबीरधाम पुलिस ने त्वरित और पेशेवर तरीके से काम करते हुए महज 2 दिनों के भीतर मृतिका की पहचान कर ली, जो मुंगेली जिले की निवासी सुखमती बैगा के रूप में सामने आई। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल और अमित पटेल तथा एसडीओपी बोड़ला अखिलेश कौशिक के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक रूपक शर्मा के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों को जांच में लगाया गया। एक टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स और लोकेशन का विश्लेषण किया, वहीं दूसरी टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लोगों से पूछताछ कर महत्वपूर्ण सुराग जुटाए।

जांच के दौरान संदेह के आधार पर देवेन्द्र प्रसाद जायसवाल की भूमिका सामने आई। पुलिस को सूचना मिली कि वह पुणे में छिपा हुआ है। इस पर तुरंत पुलिस टीम को पुणे रवाना किया गया, जहां से आरोपी को गिरफ्तार कर कबीरधाम लाया गया।

पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने स्वीकार किया कि उसने अपने पिता केषव प्रसाद जायसवाल और सहयोगी मनोज पटेल के साथ मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया। जांच में यह भी सामने आया कि मृतिका के साथ आरोपी का प्रेम संबंध था और समाज में बदनामी के डर से आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से हत्या की साजिश रची।

घटना के दिन आरोपियों ने महिला को रानीदहरा जलप्रपात ले जाकर उस पर पत्थर से हमला किया और हत्या कर दी। इसके बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को झरने में फेंक दिया गया। पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर घटनास्थल पर डमी पुतले के जरिए सीन रिक्रिएट कर पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए हैं। इस मामले में तीनों आरोपियों—देवेन्द्र प्रसाद जायसवाल, केषव प्रसाद जायसवाल और मनोज पटेल—को गिरफ्तार कर लिया गया है।

कबीरधाम पुलिस की इस कार्रवाई को त्वरित, तकनीकी रूप से सक्षम और प्रभावी माना जा रहा है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, जिससे अपराधों पर नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

यह मामला एक बार फिर यह दर्शाता है कि आधुनिक तकनीक और टीमवर्क के जरिए जटिल से जटिल मामलों को भी कम समय में सुलझाया जा सकता है।