बस्तर के संसाधन ही नहीं, स्थानीय युवाओं के सपने भी छीन रही भाजपा सरकार: कांग्रेस

प्रदेश कांग्रेस ने एनएमडीसी में बस्तर के स्थानीय युवाओं को कम रोजगार मिलने का आरोप लगाते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस के अनुसार 2023 से 2025 के बीच बैलाडीला, बचेली, किरंदुल और नगरनार में एनएमडीसी की 1173 भर्तियों में केवल 275 स्थानीय युवाओं को अवसर मिला। कांग्रेस ने स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने और एनएमडीसी का मुख्यालय छत्तीसगढ़ में स्थापित करने की मांग की है।

Aug 8, 2026 - 10:41
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बस्तर के संसाधन ही नहीं, स्थानीय युवाओं के सपने भी छीन रही भाजपा सरकार: कांग्रेस

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l बस्तर में एनएमडीसी की भर्तियों में स्थानीय युवाओं को अपेक्षित रोजगार नहीं मिलने के आरोप को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि बस्तर देश के प्रमुख लौह अयस्क उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है और यहां के प्राकृतिक संसाधनों से एनएमडीसी को लगातार लाभ मिल रहा है, लेकिन स्थानीय युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं।

सुरेंद्र वर्मा ने लोकसभा में प्रस्तुत आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2023 से 2025 के दौरान बैलाडीला, बचेली, किरंदुल और नगरनार में एनएमडीसी में कुल 1173 भर्तियां हुईं। कांग्रेस के अनुसार इनमें बस्तर के केवल 275 युवाओं को अवसर मिला। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2025 में हुई 710 नियुक्तियों में केवल 66 अभ्यर्थी बस्तर के स्थानीय थे, जो कुल नियुक्तियों का लगभग 9 प्रतिशत है।

कांग्रेस ने इन आंकड़ों को स्थानीय युवाओं के लिए चिंता का विषय बताया है। पार्टी का कहना है कि जिस क्षेत्र की जमीन और प्राकृतिक संसाधनों से खनिज उत्पादन होता है, वहां के युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि कौशल विकास और स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के सरकारी दावों के बावजूद यदि बड़ी संख्या में नियुक्तियां बाहरी अभ्यर्थियों को मिल रही हैं, तो सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बस्तर के जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों से आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उसी अनुपात में नहीं बढ़ रहे हैं। कांग्रेस के मुताबिक, रोजगार की तलाश में बस्तर के अनेक युवा तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों के शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।

सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि बस्तर संभाग में रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत बड़ी संख्या में शिक्षित युवा नौकरी की तलाश कर रहे हैं। कांग्रेस ने इस स्थिति को केवल बेरोजगारी के आंकड़ों से जोड़कर नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और क्षेत्र के विकास से जुड़ा मुद्दा बताया है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एनएमडीसी को बस्तर से बड़े पैमाने पर राजस्व और खनिज संसाधन मिलते हैं, लेकिन स्थानीय युवाओं को रोजगार में पर्याप्त हिस्सेदारी नहीं मिल रही है। पार्टी ने मांग की है कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं और भर्ती प्रक्रिया में क्षेत्र के योग्य अभ्यर्थियों के हितों का ध्यान रखा जाए।

सुरेंद्र वर्मा ने एनएमडीसी का मुख्यालय छत्तीसगढ़ में स्थापित करने की भी मांग की। उनका कहना है कि इससे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।

कांग्रेस ने सरकार और संबंधित संस्थानों से स्थानीय युवाओं के लिए स्थायी और बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि बस्तर के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में सम्मानजनक रोजगार मिलेगा, तभी पलायन की समस्या को प्रभावी रूप से कम किया जा सकेगा और क्षेत्र के विकास में स्थानीय प्रतिभाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी।