ट्रेड लाइसेंस के नाम पर छोटे व्यापारियों से सालाना 30 हजार की वसूली बंद हो: कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता और शुल्क को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गुमास्ता लाइसेंस के जरिए वर्षों से कारोबार कर रहे छोटे और मझोले व्यापारियों पर अलग से ट्रेड लाइसेंस का बोझ डालना उचित नहीं है। कांग्रेस ने गुमास्ता लाइसेंस धारकों को ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता से मुक्त करने और शुल्क समाप्त करने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता और इसके लिए निर्धारित शुल्क को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने मांग की है कि गुमटी, ठेला और छोटे-मझोले व्यापारियों से ट्रेड लाइसेंस के नाम पर सालाना शुल्क वसूलने की व्यवस्था को समाप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिकांश छोटे व्यापारियों के पास पहले से गुमास्ता लाइसेंस है और वे लंबे समय से इसी व्यवस्था के तहत अपना व्यवसाय संचालित कर रहे हैं।
धनंजय सिंह ठाकुर ने सवाल उठाया कि जब व्यापारियों के पास पहले से गुमास्ता लाइसेंस मौजूद है तो उनके लिए अलग से ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य करने की आवश्यकता क्यों पड़ी। कांग्रेस का कहना है कि नई व्यवस्था से छोटे कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और व्यापार करना उनके लिए और मुश्किल हो सकता है।
कांग्रेस ने ट्रेड लाइसेंस के लिए निर्धारित शुल्क को लेकर भी आपत्ति जताई है। पार्टी के अनुसार नगर निगम क्षेत्र में 30 हजार रुपये, नगर पालिका क्षेत्र में 20 हजार रुपये और पंचायत क्षेत्र में 10 हजार रुपये सालाना शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही निर्धारित अवधि के बाद शुल्क में बढ़ोतरी और जुर्माने के प्रावधान को लेकर भी कांग्रेस ने चिंता जताई है।
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि छोटे व्यापारी पहले से ही व्यापार में मंदी और बढ़ती लागत जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में अतिरिक्त लाइसेंस शुल्क लगाने से उन पर आर्थिक दबाव और बढ़ेगा। उनका आरोप है कि नई व्यवस्था के कारण व्यापारियों को ट्रेड लाइसेंस बनवाने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं और इससे अनावश्यक परेशानी की स्थिति पैदा होगी।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने गुमास्ता लाइसेंस की वैधता को पांच वर्ष किया था, लेकिन भाजपा सरकार बनने के बाद इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया। कांग्रेस का आरोप है कि अब जिन व्यापारियों के पास गुमास्ता लाइसेंस है, उन्हें भी ट्रेड लाइसेंस लेने के लिए बाध्य किया जा सकता है।
कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि जिन व्यापारियों के पास वैध गुमास्ता लाइसेंस है, उन्हें ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता से बाहर रखा जाए। साथ ही यदि ट्रेड लाइसेंस आवश्यक माना जाता है तो ऐसे व्यापारियों को इसे निशुल्क उपलब्ध कराया जाए और अतिरिक्त शुल्क का प्रावधान समाप्त किया जाए।
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि छोटे कारोबारियों पर बढ़ते आर्थिक बोझ का असर उनके व्यवसाय पर पड़ सकता है। यदि शुल्क और नियमों के कारण छोटे व्यापारियों को कारोबार बंद करने की स्थिति का सामना करना पड़ा तो इसका सीधा असर रोजगार पर भी पड़ेगा।
कांग्रेस ने सरकार से व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए ट्रेड लाइसेंस संबंधी नियमों और शुल्क की समीक्षा करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि छोटे और मझोले कारोबारियों को राहत देने वाली नीति बनाई जानी चाहिए, ताकि वे बिना अतिरिक्त आर्थिक दबाव के अपना व्यवसाय जारी रख सकें।