टीकाकरण के दौरान पशुपालकों को पीपीआर रोग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। विभागीय टीम ने बताया कि पीपीआर बकरी और भेड़ में होने वाला एक संक्रामक रोग है, जिससे पशुओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इससे बचाव के लिए समय पर टीकाकरण कराना महत्वपूर्ण है। पशुपालकों को अपने पशुओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और समय पर टीकाकरण कराने की सलाह दी गई।
पशुपालकों को यह भी समझाइश दी गई कि पशुओं में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं उपचार करने के बजाय नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र से संपर्क करें। समय पर चिकित्सकीय सलाह और उपचार मिलने से पशुओं के स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल की जा सकती है।
अभियान के दौरान विभागीय कर्मचारियों ने पशुपालकों से बातचीत कर पशुओं के रख-रखाव, साफ-सफाई और बीमारी से बचाव के संबंध में आवश्यक जानकारी साझा की। पशुओं के रहने वाले स्थान की स्वच्छता बनाए रखने तथा पशुधन के स्वास्थ्य पर नियमित निगरानी रखने के लिए भी जागरूक किया गया।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों तक पशु चिकित्सा सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। टीकाकरण अभियान के माध्यम से पशुधन को संक्रामक रोगों से बचाने के साथ पशुपालकों को पशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्राम केशदा और झंडी में आयोजित टीकाकरण कार्यक्रम से स्थानीय पशुपालकों को उनके गांव में ही पशु चिकित्सा सेवा और आवश्यक मार्गदर्शन मिला। विभाग का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन के बेहतर स्वास्थ्य के लिए नियमित टीकाकरण, जागरूकता और आवश्यक पशु चिकित्सा सुविधाओं को प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।