बालकोनगर में महिलाओं के हुनर से सजेगी दिवाली, जागृति स्व सहायता समूह के उत्पाद बने आत्मनिर्भरता की पहचान

बालकोनगर में इस दिवाली जागृति स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार सजावटी दीये, दिवाली सजावट, सलोनी, नमकीन खाजा और छत्तीसगढ़ के पारंपरिक उत्पाद उपलब्ध हैं। बालको सीएसआर के सहयोग से समूह की लगभग 35-36 महिलाएं अपने हुनर को आजीविका का माध्यम बना रही हैं। इनके उत्पाद ब्लैकमेज़, सेक्टर-1, बालकोनगर में खरीदे जा सकते हैं।

Nov 7, 2026 - 17:47
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बालकोनगर में महिलाओं के हुनर से सजेगी दिवाली, जागृति स्व सहायता समूह के उत्पाद बने आत्मनिर्भरता की पहचान

UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता, कोरबा l दिवाली का त्योहार खुशियां, रोशनी और आपसी सहयोग का संदेश लेकर आता है। इस बार बालकोनगर में त्योहार की रौनक के साथ महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की मिसाल भी देखने को मिल रही है। जागृति स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार सजावटी दीये, दिवाली सजावट की सामग्री, सलोनी, नमकीन खाजा और छत्तीसगढ़ के पारंपरिक उत्पाद स्थानीय लोगों के लिए उपलब्ध हैं।

समूह की महिलाओं के बनाए उत्पाद ब्लैकमेज़, सेक्टर-1, बालकोनगर में खरीदे जा सकते हैं। इन उत्पादों के माध्यम से लोग त्योहार की खरीदारी के साथ स्थानीय महिला उद्यमियों के हुनर और मेहनत को भी प्रोत्साहित कर सकते हैं।

बालको सीएसआर के सहयोग से आत्मनिर्भरता की पहल

बालको सीएसआर के सहयोग से जागृति स्व सहायता समूह की महिलाएं अपने हुनर को रोजगार और आजीविका से जोड़ रही हैं। समूह से जुड़ी साडा कॉलोनी की भारती साहू वर्ष 2020 से इस पहल का हिस्सा हैं। उनके अनुसार, बालको सीएसआर के सहयोग ने उन्हें घर की दहलीज से बाहर निकलकर अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे आजीविका का माध्यम बनाने का अवसर दिया।

यह पहल महिलाओं को अपनी रचनात्मकता और कौशल के जरिए आर्थिक रूप से सक्षम बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही है। समूह से जुड़कर महिलाएं सामूहिक रूप से उत्पाद तैयार करने और उन्हें बाजार तक पहुंचाने का काम कर रही हैं।

35-36 महिलाएं मिलकर तैयार कर रहीं उत्पाद

आज भारती साहू के साथ जागृति स्व सहायता समूह की लगभग 35-36 महिलाएं मिलकर विभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार कर रही हैं। इनमें सजावटी दीये, दिवाली की सजावट से जुड़ी सामग्री, सलोनी, नमकीन खाजा और छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खाद्य एवं सजावटी वस्तुएं शामिल हैं।

इन उत्पादों में स्थानीय संस्कृति, परंपरा और महिलाओं की रचनात्मकता की झलक दिखाई देती है। समूह की महिलाएं अपने हुनर और मेहनत से त्योहारों के अवसर पर ग्राहकों के लिए उपयोगी और आकर्षक सामग्री तैयार कर रही हैं।

स्थानीय उत्पादों से महिला उद्यमियों को मिलेगा प्रोत्साहन

त्योहारों के दौरान स्थानीय उत्पादों को खरीदना छोटे उद्यमियों और स्व सहायता समूहों के लिए बाजार में अपनी पहचान बनाने का अवसर होता है। जागृति स्व सहायता समूह की महिलाओं के उत्पाद खरीदकर लोग उनके काम को प्रोत्साहन दे सकते हैं। इससे महिलाओं को अपने कौशल को आगे बढ़ाने और आजीविका के नए अवसर तलाशने में मदद मिल सकती है।

इस दिवाली जागृति स्व सहायता समूह की महिलाओं की मेहनत से तैयार उत्पादों के जरिए त्योहार को खास बनाया जा सकता है। यह पहल संदेश देती है कि त्योहार की खुशियां तभी और बढ़ती हैं, जब उनकी रोशनी समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।