बहस के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने साय सरकार के कार्यकाल में पीएम आवास योजना की प्रगति का आंकड़ा सामने रखा। उनके अनुसार राज्य में अब तक 11 लाख 75 हजार आवासों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। उन्होंने दावा किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में देश में सबसे अधिक पीएम आवास छत्तीसगढ़ में बनाए गए। सरकार की ओर से तीन वर्षों में आवास निर्माण पर करीब 16 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बात भी कही गई। इसके अलावा नए आवासों की स्वीकृति को लेकर भी विजय शर्मा ने आंकड़े प्रस्तुत किए और सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
विजय शर्मा ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान पीएम आवास योजना की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कोरोना काल का हवाला देकर आवासों की स्वीकृति और निर्माण प्रभावित होने की बात पर आपत्ति जताई। उनका तर्क था कि कोरोना के दौरान देश के अन्य राज्यों में भी पीएम आवास से संबंधित स्वीकृतियां और निर्माण कार्य हुए थे। इसी आधार पर उन्होंने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में योजना के क्रियान्वयन को लेकर सवाल खड़े किए। बहस के दौरान पोर्टल को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच मतभेद सामने आए।
विजय शर्मा ने भूपेश बघेल के इस दावे को खारिज किया कि कांग्रेस सरकार के समय पीएम आवास का पोर्टल बंद था। उन्होंने कहा कि पोर्टल बंद होने को आवास स्वीकृत नहीं होने का कारण बताना सही नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के दौरान गरीबों के आवास के मुद्दे पर पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखाई गई। बहस के दौरान विजय शर्मा ने भूपेश बघेल से अपने दावों को आंकड़ों के साथ स्पष्ट करने की बात भी कही। दोनों नेताओं के बीच कई मुद्दों पर तीखे सवाल-जवाब हुए।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साय सरकार द्वारा बताए जा रहे आंकड़ों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीएम आवास के संबंध में अलग-अलग स्तरों पर सामने आ रहे आंकड़ों को स्पष्ट किया जाना चाहिए। बघेल ने अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए दावा किया कि केंद्र सरकार की ओर से पीएम आवास का पोर्टल बंद किए जाने के कारण योजना प्रभावित हुई थी। उन्होंने कहा कि उस समय राज्य सरकार की ओर से आवास योजना को आगे बढ़ाने में दिक्कतें आईं और इसका असर हितग्राहियों पर पड़ा।
भूपेश बघेल ने मौजूदा सरकार के आवास संबंधी दावों को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने स्वीकृत आवासों की संख्या और वास्तविक निर्माण के आंकड़ों के बीच अंतर स्पष्ट करने की मांग की। बहस में उन्होंने सरकार पर जनता के सामने सही आंकड़े नहीं रखने का आरोप लगाया और कहा कि पीएम आवास योजना को लेकर वास्तविक स्थिति सामने आनी चाहिए। इस दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के दावों और आंकड़ों पर लगातार सवाल उठाए।
रायपुर प्रेस क्लब में हुई यह बहस छत्तीसगढ़ की राजनीति में इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि पीएम आवास जैसे सीधे तौर पर गरीब परिवारों से जुड़े मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के दो प्रमुख नेता एक ही मंच पर आमने-सामने आए। बहस के दौरान आंकड़ों और दस्तावेजों के आधार पर अपने-अपने पक्ष को सही साबित करने की कोशिश की गई। इससे पहले प्रेस क्लब के बाहर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच भी कहासुनी और तनाव की स्थिति सामने आई थी।
कुल मिलाकर पीएम आवास योजना पर हुई इस खुली बहस में दोनों पक्ष अपने-अपने आंकड़ों और दावों पर कायम रहे। एक तरफ विजय शर्मा ने साय सरकार के दौरान बड़ी संख्या में आवास पूरे होने और कांग्रेस कार्यकाल में योजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए, वहीं भूपेश बघेल ने पोर्टल बंद होने और मौजूदा सरकार के आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए। अब इस राजनीतिक बहस के बाद पीएम आवास योजना से जुड़े आंकड़ों और सरकारी रिकॉर्ड को लेकर आगे भी सियासी बयानबाजी जारी रहने की संभावना है।