साइबर थाना कबीरधाम में पदस्थ आरक्षक संदीप शुक्ला को थाना सहसपुर लोहारा क्षेत्र के अज्ञात हत्या प्रकरण और लालपुर अज्ञात हत्या प्रकरण के निराकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए चयनित किया गया है। पुलिस के अनुसार दोनों मामले चुनौतीपूर्ण थे और इनके निराकरण में तकनीकी सहयोग के साथ-साथ सक्रिय पुलिस कार्यवाही की आवश्यकता थी। संदीप शुक्ला ने इन प्रकरणों में तकनीकी स्तर पर महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया और जांच प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाई। उनकी कार्यशैली और समर्पण को देखते हुए उन्हें सितंबर माह के लिए ‘कॉप ऑफ द मंथ’ सम्मान के लिए चुना गया।
इसी तरह थाना चिल्फी में पदस्थ आरक्षक सुनील मेरावी का चयन अवैध मादक पदार्थ गांजा के परिवहन के खिलाफ की गई प्रभावी कार्रवाई में विशेष योगदान के लिए किया गया है। पुलिस के अनुसार मादक पदार्थों के अवैध परिवहन और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में सुनील मेरावी ने सक्रियता और जिम्मेदारी के साथ भूमिका निभाई। गांजा परिवहन के खिलाफ पुलिस की प्रभावी कार्रवाई में उनके योगदान को देखते हुए उनका चयन ‘कॉप ऑफ द मंथ’ के लिए किया गया है।
कबीरधाम पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव की ओर से शुरू की गई यह पहल पुलिस बल में बेहतर कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। इसके तहत प्रत्येक माह ऐसे पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान की जा रही है, जिन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया हो। उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सार्वजनिक रूप से पहचान और सम्मान मिलने से उनका मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ अन्य कर्मचारियों को भी अपने दायित्वों का बेहतर तरीके से निर्वहन करने के लिए प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।
पुलिस विभाग के अनुसार किसी भी जिले की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण व्यवस्था को प्रभावी बनाने में पुलिसकर्मियों की सक्रियता, तकनीकी दक्षता, सजगता और समर्पण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ‘कॉप ऑफ द मंथ’ जैसी पहल के माध्यम से ऐसे कार्यों को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है, जिनसे पुलिसिंग की गुणवत्ता और जनसेवा की भावना को मजबूती मिलती है।
कबीरधाम पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी उत्कृष्ट, सराहनीय और उल्लेखनीय कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इसी तरह सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने के साथ आम नागरिकों को बेहतर, संवेदनशील और प्रभावी पुलिस सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास करना है।