Delhi Metro Golden Line: दिसंबर तक शुरू हो सकता है तुगलकाबाद-संगम विहार सेक्शन, 83% सिविल वर्क पूरा

दिल्ली मेट्रो की फेज-4 गोल्डन लाइन का सिविल वर्क करीब 83 फीसदी पूरा हो चुका है। एयरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर के पहले चरण में तुगलकाबाद से संगम विहार के बीच करीब 8.5 किलोमीटर हिस्सा दिसंबर 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है। इस सेक्शन में चार स्टेशन होंगे, जिनमें तीन भूमिगत और एक एलिवेटेड स्टेशन शामिल है।

Sep 15, 2026 - 10:39
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Delhi Metro Golden Line: दिसंबर तक शुरू हो सकता है तुगलकाबाद-संगम विहार सेक्शन, 83% सिविल वर्क पूरा

UNITED NEWS OF ASIA. दिल्ली मेट्रो की गोल्डन लाइन को लेकर यात्रियों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के फेज-4 के तहत बनाई जा रही एयरोसिटी-तुगलकाबाद गोल्डन लाइन का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इस कॉरिडोर का करीब 83 फीसदी सिविल वर्क पूरा हो चुका है। निर्माण की मौजूदा प्रगति को देखते हुए इसके पहले चरण में तुगलकाबाद से संगम विहार के बीच करीब 8.5 किलोमीटर लंबे हिस्से को दिसंबर 2026 तक यात्रियों के लिए खोलने की उम्मीद जताई जा रही है।

गोल्डन लाइन का यह शुरुआती सेक्शन दक्षिण दिल्ली के कई महत्वपूर्ण इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। पहले चरण में तुगलकाबाद से संगम विहार के बीच कुल चार स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इनमें तुगलकाबाद इंटरचेंज स्टेशन, तुगलकाबाद रेलवे कॉलोनी, आनंदमयी मार्ग जंक्शन और संगम विहार-तिगरी स्टेशन शामिल हैं। इन चार स्टेशनों में तीन स्टेशन भूमिगत होंगे, जबकि एक स्टेशन एलिवेटेड यानी जमीन के ऊपर बनाया जा रहा है।

एयरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 23.6 किलोमीटर बताई जा रही है और इसमें कुल 15 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं। इस कॉरिडोर के जरिए दक्षिण दिल्ली के इलाकों को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट क्षेत्र से बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। परियोजना के तहत ट्रैक बिछाने, ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन और सिग्नलिंग सिस्टम लगाने का काम भी तेजी से किया जा रहा है। सुरंग निर्माण का काम पहले ही पूरा होने की जानकारी दी गई है।

गोल्डन लाइन दिल्ली मेट्रो के फेज-4 की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है। इसे पहले सिल्वर लाइन के नाम से जाना जाता था, लेकिन जनवरी 2024 में इसका नाम बदलकर गोल्डन लाइन कर दिया गया। इस नई लाइन के जरिए दक्षिण दिल्ली और एयरपोर्ट के बीच सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की योजना है। परियोजना के निर्माण की शुरुआत जून 2022 में हुई थी और पूरे कॉरिडोर को 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस मेट्रो कॉरिडोर का रूट तय करते समय दिल्ली के ऐतिहासिक स्थलों को भी ध्यान में रखा गया है। कुतुब मीनार और महरौली पुरातत्व पार्क जैसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक क्षेत्रों को नुकसान से बचाने के लिए परियोजना के रूट में बदलाव किया गया था। इससे मेट्रो लाइन को विकसित करने के साथ-साथ ऐतिहासिक विरासत वाले क्षेत्रों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया गया है।

गोल्डन लाइन के शुरू होने से दक्षिण दिल्ली के कई इलाकों में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है। खास तौर पर तुगलकाबाद, संगम विहार और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिल सकता है। हालांकि दिसंबर में यात्री सेवाएं शुरू होने की अंतिम तारीख निर्माण कार्य, ट्रायल और सुरक्षा संबंधी मंजूरियों की प्रगति पर निर्भर करेगी। फिलहाल परियोजना के निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।