छत्तीसगढ़ स्टेट सीनियर शतरंज चैंपियनशिप: दुर्ग के यशद और रायपुर की सावी बनीं चैंपियन
छत्तीसगढ़ स्टेट सीनियर फीडे रेटेड शतरंज चैंपियनशिप में दुर्ग के यशद बांबेश्वर ने सीनियर वर्ग और रायपुर की सावी गौरी ने महिला वर्ग का खिताब अपने नाम किया। भिलाई के अग्रसेन भवन में 10 से 13 सितंबर तक आयोजित प्रतियोगिता में प्रदेश के 21 जिलों के 140 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। विजेताओं को नकद पुरस्कार, ट्रॉफी और मोमेंटो से सम्मानित किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l भिलाई के अग्रसेन भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ स्टेट सीनियर फीडे रेटेड शतरंज चैंपियनशिप का समापन हो गया। 10 से 13 सितंबर तक चली इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में दुर्ग के यशद बांबेश्वर ने सीनियर वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया, जबकि रायपुर की सावी गौरी महिला वर्ग की चैंपियन बनीं। प्रतियोगिता में प्रदेशभर के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और कई मुकाबले रोमांचक रहे।
इस स्पर्धा में छत्तीसगढ़ के 21 जिलों से कुल 140 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इनमें 72 रेटेड खिलाड़ी शामिल रहे। खिलाड़ियों के बीच कुल 8 चक्रों में मुकाबले कराए गए। पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों ने रणनीति, धैर्य और बेहतर चालों के जरिए अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। सीनियर वर्ग में यशद बांबेश्वर ने 8 चक्रों के मुकाबलों में 7 अंक हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया। उनके लगातार बेहतर प्रदर्शन ने उन्हें चैंपियनशिप का विजेता बनाया।
महिला वर्ग में रायपुर की सावी गौरी ने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए 6 अंक हासिल किए और खिताब अपने नाम किया। प्रतियोगिता में अलग-अलग जिलों से पहुंचे खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में रेटेड खिलाड़ियों के साथ अन्य प्रतिभागियों को भी अपनी खेल क्षमता दिखाने का अवसर मिला। आयोजकों के अनुसार इस तरह की प्रतियोगिताएं प्रदेश में शतरंज को बढ़ावा देने और नई प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
प्रतियोगिता के समापन समारोह में विधायक ललित चंद्राकर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विजेता और प्रतिभागी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि शतरंज केवल एक खेल नहीं, बल्कि अनुशासन, धैर्य और सही समय पर निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने का माध्यम भी है। उन्होंने खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन की सराहना करते हुए भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अग्रसेन जन कल्याण समिति के अध्यक्ष बंशी अग्रवाल ने की। विशिष्ट अतिथि समाजसेवी कैलाश जैन बरमेचा भी समारोह में मौजूद रहे। उन्होंने शतरंज को दूरदृष्टि और रणनीतिक सोच विकसित करने वाला खेल बताया। उनके अनुसार शतरंज जैसे खेलों से बच्चों और युवाओं में एकाग्रता तथा बौद्धिक क्षमता को बढ़ावा मिलता है। ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी माहौल में अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर देते हैं।
जिला शतरंज संघ दुर्ग के अध्यक्ष ईश्वर सिंह राजपूत और सचिव तुलसी सोनी ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विजेता खिलाड़ियों को कुल एक लाख पांच हजार रुपये के नकद पुरस्कार वितरित किए गए। इसके साथ ही विजेताओं और बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को ट्रॉफी तथा मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। आयोजन के समापन के साथ खिलाड़ियों और आयोजकों ने भविष्य में भी प्रदेश स्तर पर शतरंज प्रतियोगिताओं को और बेहतर तरीके से आयोजित करने की उम्मीद जताई। छत्तीसगढ़ में शतरंज को बढ़ावा देने के लिहाज से यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुई।