BTOA चुनाव में विवाद, CCTV बंद होने और नामांकन निरस्तीकरण पर उठे सवाल

बैलाडीला ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन (BTOA) के वार्षिक चुनाव 2026-27 की प्रक्रिया को लेकर विवाद सामने आया है। निर्दलीय प्रत्याशियों ने नामांकन प्रक्रिया में CCTV बंद होने और नामांकन फार्म व दस्तावेजों से कथित छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं। प्रत्याशियों ने प्रशासन और फर्म्स एंड सोसायटीज विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए जांच पूरी होने तक चुनाव स्थगित करने की मांग की है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

Sep 15, 2026 - 07:40
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BTOA चुनाव में विवाद, CCTV बंद होने और नामांकन निरस्तीकरण पर उठे सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, दंतेवाड़ा l बैलाडीला ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन (BTOA) के वार्षिक चुनाव 2026-27 की प्रक्रिया को लेकर बचेली और किरंदुल क्षेत्र में विवाद की स्थिति सामने आई है। निर्दलीय प्रत्याशियों ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रत्याशियों का कहना है कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान कुछ महत्वपूर्ण परिस्थितियां सामने आईं, जिनकी जांच किए बिना चुनाव आगे बढ़ाने से प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो सकते हैं।

निर्दलीय प्रत्याशियों ने आरोप लगाया है कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान CCTV कैमरे बंद थे। उनका दावा है कि इसी अवधि में नामांकन फार्म और उनके साथ जमा किए गए दस्तावेजों से कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई और इसके बाद उनके नामांकन निरस्त कर दिए गए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले में जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

मामला सामने आने के बाद CCTV कैमरों के बंद होने की वजह और कितनी अवधि तक कैमरे बंद रहे, यह प्रमुख सवाल बन गया है। प्रत्याशियों ने मांग की है कि नामांकन प्रक्रिया से जुड़े CCTV कैमरों की स्थिति की जांच कराई जाए। इसके साथ ही DVR रिकॉर्डिंग को सुरक्षित तरीके से देखा जाए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान निगरानी व्यवस्था किस स्थिति में थी।

प्रत्याशियों ने नामांकन फार्म और उनके साथ जमा किए गए संलग्न दस्तावेजों की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में नामांकन दस्तावेजों की सुरक्षा और पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण है। यदि किसी प्रत्याशी के नामांकन को निरस्त किया गया है तो उसके पीछे के कारण और संबंधित दस्तावेजों की स्थिति भी स्पष्ट होनी चाहिए।

निर्दलीय प्रत्याशियों ने अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार और फर्म्स एंड सोसायटीज विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े आरोपों और दस्तावेजों की जांच पूरी होने तक मतदान की प्रक्रिया को स्थगित रखा जाना चाहिए। प्रत्याशियों के मुताबिक, पहले पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है, ताकि चुनाव को लेकर किसी तरह का संदेह आगे न रहे।

BTOA चुनाव को लेकर तीन प्रमुख सवाल इस समय चर्चा में हैं। पहला सवाल यह है कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान CCTV कैमरे आखिर क्यों बंद थे और कितनी देर तक बंद रहे। दूसरा सवाल नामांकन फार्म और संलग्न दस्तावेजों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर है। तीसरा सवाल यह है कि यदि आरोपों की जांच पूरी होने से पहले मतदान करा दिया जाता है तो चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान कैसे होगा।

फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन और फर्म्स एंड सोसायटीज विभाग की कार्रवाई पर निगाहें टिकी हुई हैं। प्रत्याशियों की मांग है कि सभी आरोपों और उपलब्ध रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की चुनाव प्रक्रिया तय की जाए। वहीं, चुनाव कब होगा और मौजूदा प्रक्रिया को लेकर क्या निर्णय लिया जाएगा, इसे लेकर स्थिति प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।