पर्यावरण संरक्षण पर संगोष्ठी और वृक्षारोपण, प्रकृति बचाने का लिया संकल्प

नमामि गंगे और एंजेल वैली स्कूल की पहल पर आयोजित पर्यावरण संगोष्ठी, बीज संरक्षण अभियान और वृक्षारोपण कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक कृषि और सामाजिक जिम्मेदारी पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए। कार्यक्रम में पौधारोपण के साथ पर्यावरण बचाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।

Aug 4, 2026 - 14:39
 0  6
पर्यावरण संरक्षण पर संगोष्ठी और वृक्षारोपण, प्रकृति बचाने का लिया संकल्प

UNITED NEWS OF ASIA. रोहिताश सिंह भुवाल, दुर्ग l पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से नमामि गंगे एवं एंजेल वैली स्कूल की सामाजिक पहल के तहत पर्यावरण संगोष्ठी, बीज संरक्षण अभियान और वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण, जल संरक्षण, प्राकृतिक कृषि, जैव विविधता और मानवीय मूल्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। बड़ी संख्या में शिक्षकों, विशेषज्ञों, विद्यार्थियों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लेकर पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रकृति वंदना से हुआ। भावना शर्मा ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और जीवन एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इनमें से किसी एक की भी उपेक्षा मानव जीवन के लिए संकट पैदा कर सकती है। उन्होंने प्रत्येक परिवार से कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने की अपील की।

मुख्य वक्ता डॉ. अजय आर्य ने भारतीय संस्कृति में प्रकृति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण नहीं बचाते, बल्कि मानवता का भविष्य सुरक्षित करते हैं। उन्होंने आधुनिक "यूज़ एंड थ्रो" संस्कृति को पर्यावरण और सामाजिक संबंधों दोनों के लिए नुकसानदायक बताया। उन्होंने कहा कि पौधारोपण केवल औपचारिकता नहीं होना चाहिए, बल्कि लगाए गए पौधों का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। शिक्षकों से उन्होंने विद्यार्थियों में प्रकृति प्रेम विकसित करने का आह्वान किया।

कृषि विशेषज्ञ डॉ. अनुपम मौर्य ने प्राकृतिक खेती, देशी बीजों के संरक्षण और जैव विविधता के महत्व पर जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न फलदार और उपयोगी पौधों के बीज वितरित करते हुए कहा कि बीज भविष्य की खाद्य सुरक्षा का आधार हैं। कृषि विभाग की संयुक्त संचालक पुष्पा राजेंद्रन ने स्थानीय बीजों के संरक्षण और देशी प्रजातियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। सहायक प्राध्यापक डॉ. विनीता गुप्ता ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की शिक्षा को व्यवहारिक रूप से विद्यालयों और समाज तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के दौरान जामुन, आम, चीकू, लीची, अनार, नींबू, कटहल, शमी, स्टार फ्रूट, वॉटर एप्पल सहित कई फलदार और उपयोगी पौधों का रोपण किया गया। अतिथियों और प्रतिभागियों को पौधे वितरित कर उनके संरक्षण का संकल्प भी दिलाया गया।

समापन अवसर पर डॉ. अवधेश प्रसाद मौर्य ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोग प्रकृति संरक्षण के अभियान से जुड़ सकें। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि पौधे केवल लगाए ही नहीं जाएंगे, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित भी किया जाएगा, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सके।