UPI पर 0.4% MDR को लेकर विकास उपाध्याय ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, व्यापारियों के हित में पुनर्विचार की मांग
रायपुर में कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान UPI के चुनिंदा व्यापारी लेन-देन पर लागू होने वाले 0.4% MDR को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से छोटे और सीमित मार्जिन वाले कारोबारियों पर अतिरिक्त लागत का असर पड़ सकता है और सरकार को व्यापारी संगठनों से चर्चा करनी चाहिए। नए नियमों के अनुसार 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के निर्धारित P2M UPI लेन-देन पर 0.4% MDR लागू होगा, जबकि ग्राहकों के P2P लेन-देन पर शुल्क नहीं लगेगा।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर में कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर UPI के नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने UPI के चुनिंदा व्यापारी लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू किए जाने के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से लॉलीपॉप वितरण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसे विकास उपाध्याय ने सरकार की नीतियों पर विरोध दर्ज कराने के तरीके के तौर पर बताया।
विकास उपाध्याय ने कहा कि UPI आज आम नागरिकों, छोटे-बड़े व्यापारियों, युवाओं, किसानों और महिलाओं के दैनिक आर्थिक लेन-देन का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। उनके अनुसार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बाद अब कुछ बड़े व्यापारी लेन-देन पर MDR लागू करने से कारोबारियों की लागत बढ़ने की आशंका है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस व्यवस्था के आर्थिक प्रभाव पर पुनर्विचार करने और संबंधित हितधारकों से चर्चा करने की मांग की।
केंद्र सरकार द्वारा घोषित नए UPI ढांचे के तहत 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के निर्धारित Person-to-Merchant यानी P2M लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। ₹75,000 या उससे अधिक के लेन-देन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजेक्शन तय की गई है। वहीं Person-to-Person यानी P2P UPI लेन-देन किसी भी राशि पर MDR से मुक्त रहेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह शुल्क ग्राहक से लेने के लिए नहीं है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार ₹2,000 तक के व्यापारी भुगतान और निर्धारित छोटे व्यापारियों के लेन-देन भी शून्य MDR व्यवस्था के तहत बने रहेंगे। सरकार का कहना है कि करीब 96 प्रतिशत P2M लेन-देन नए MDR से प्रभावित नहीं होंगे। रेल, टेलीकॉम, बीमा, ईंधन और कृषि इनपुट जैसे कुछ क्षेत्रों में ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर 5 रुपये का फ्लैट MDR निर्धारित किया गया है।
विकास उपाध्याय ने कहा कि छोटे दुकानदार, स्वरोजगार से जुड़े लोग और सीमित मार्जिन पर काम करने वाले कारोबारी डिजिटल भुगतान को अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों का हिस्सा बना चुके हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार व्यापारी संगठनों, छोटे कारोबारियों और डिजिटल भुगतान क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के साथ व्यापक चर्चा करे। उन्होंने यह भी कहा कि ग्राहकों पर अलग से UPI शुल्क या छिपा हुआ शुल्क नहीं लगाया जाना चाहिए।
सरकार की ओर से हालांकि स्पष्ट किया गया है कि MDR ग्राहकों से वसूला जाने वाला शुल्क नहीं है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है कि व्यापारी MDR की लागत ग्राहकों पर न डालें। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था UPI के बुनियादी ढांचे, साइबर सुरक्षा और लंबे समय तक डिजिटल भुगतान व्यवस्था को टिकाऊ बनाए रखने के उद्देश्य से लाई गई है।
विकास उपाध्याय ने कार्यक्रम के दौरान नोटबंदी और GST समेत केंद्र सरकार की अन्य आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए और कांग्रेस की ओर से जनहित से जुड़े मुद्दे उठाते रहने की बात कही। कार्यक्रम में शिव श्याम शुक्ला, दिलीप गुप्ता, बाकर अब्बास, संदीप तिवारी, सोनू ठाकुर, कुलदीप ध्रुव, हेमलाल नायक, संजू नायडू, भीम यादव, जाफर खोखर, शाहरुख अशरफी, श्रीनाथ भोगल, वेद प्रकाश कुशवाहा और उमेश साहनी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। विकास उपाध्याय की ओर से उठाई गई आपत्तियां उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं, जबकि UPI MDR की नई व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होनी है।