अहिवारा में श्रद्धा से मना सद्गुरु कबीर प्राकट्य उत्सव, सांसद विजय बघेल ने बताया कबीर के विचारों को आज भी प्रासंगिक

अहिवारा के वार्ड-4 स्थित सद्गुरु कबीर अनुप साहू-अनुप बंजारे आश्रम में सद्गुरु कबीर प्राकट्य उत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सांसद विजय बघेल ने ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और कहा कि संत कबीर के विचार आज भी समाज को प्रेम, सद्भाव और मानवता का संदेश देते हैं। नगर परिषद अध्यक्ष विधानद कुशवाहा ने कबीर चौक बनाने और आश्रम में 20 लाख रुपये की लागत से डोम शेड एवं वृक्षारोपण कराने की घोषणा की।

Jun 30, 2026 - 10:36
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अहिवारा में श्रद्धा से मना सद्गुरु कबीर प्राकट्य उत्सव, सांसद विजय बघेल ने बताया कबीर के विचारों को आज भी प्रासंगिक

UNITED NEWS OF ASIA. रोहिताश सिंह भुवाल, दुर्ग l दुर्ग जिले के अहिवारा नगर में सद्गुरु कबीर प्राकट्य उत्सव श्रद्धा, आस्था और सामाजिक समरसता के वातावरण में मनाया गया। वार्ड-4 स्थित सद्गुरु कबीर अनुप साहू-अनुप बंजारे आश्रम में कबीर पंथी समाज और एसकेडीवी मिशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु शामिल हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सांसद विजय बघेल ने ध्वजारोहण और सद्गुरु कबीर के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर परिषद अध्यक्ष विधानद कुशवाहा ने की। इस अवसर पर रविशंकर सिंह, राजिंदर सिंह, अनुज साहू, इंद्रजीत रोहन, मनोज साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन लीलाधर महंत ने किया।

अपने संबोधन में विधानद कुशवाहा ने संत कबीर की शिक्षाओं को वर्तमान समय के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताया। उन्होंने कबीर साहेब की प्रसिद्ध वाणी "ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर" का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संदेश समाज में समानता, भाईचारे और सौहार्द की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने नगर के प्रमुख चौक का नाम "कबीर चौक" रखने की घोषणा की। साथ ही आश्रम परिसर में लगभग 20 लाख रुपये की लागत से डोम शेड निर्माण और वृक्षारोपण कराने की भी घोषणा की, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

सांसद विजय बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि संत कबीर की 628वीं जयंती केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उनके विचारों को आत्मसात करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि करीब 600 वर्ष पहले संत कबीर ने जो उपदेश दिए थे, वे आज भी समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य कर रहे हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति उनके उपदेशों का केवल एक प्रतिशत भी अपने जीवन में उतार ले, तो समाज में प्रेम, भाईचारा और सद्भाव स्वतः बढ़ जाएगा।

उन्होंने कहा कि संत कबीर ने जाति, धर्म और ऊंच-नीच से ऊपर उठकर मानवता की बात की। उनके विचार आज भी सामाजिक एकता और आपसी सौहार्द के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। सांसद ने सभी लोगों से संत कबीर के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए "साहेब बंदगी" के उद्घोष के साथ अपने संबोधन का समापन किया।

कार्यक्रम के दौरान कबीर पंथी समाज के अनुयायियों ने संत कबीर की वाणी का पाठ किया और उनके जीवन दर्शन पर आधारित विचार साझा किए। पूरे आयोजन में श्रद्धा, अनुशासन और सामाजिक एकता का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित श्रद्धालुओं ने संत कबीर के बताए सत्य, प्रेम और मानवता के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। आयोजन ने समाज में सद्भाव, समानता और आध्यात्मिक चेतना का संदेश प्रभावी रूप से प्रसारित किया।