रूसी मिसाइल-ड्रोन हमलों से दहला यूक्रेन, 12 की मौत, 40 घायल

रूस ने सोमवार को यूक्रेन के कई शहरों पर मिसाइल और ड्रोन से बड़े पैमाने पर हमला किया, जिसमें कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और 40 से अधिक घायल हो गए। हमलों के बाद राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए यूरोप से मजबूत एंटी-बैलिस्टिक रक्षा प्रणाली विकसित करने की अपील की।

Jun 30, 2026 - 10:29
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रूसी मिसाइल-ड्रोन हमलों से दहला यूक्रेन, 12 की मौत, 40 घायल

UNITED NEWS OF ASIA. रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर भयावह मोड़ पर पहुंच गया है। सोमवार को रूस ने यूक्रेन के कई प्रमुख शहरों पर मिसाइलों और ड्रोन के जरिए बड़े पैमाने पर हमला किया। इन हमलों में कम से कम 12 आम नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हो गए। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, हमले उस समय हुए जब बड़ी संख्या में लोग खुले स्थानों और सार्वजनिक इलाकों में मौजूद थे। आशंका जताई जा रही है कि मलबे में लोगों के फंसे होने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में यूक्रेन द्वारा रूस की कई तेल रिफाइनरियों, तेल-गैस भंडारण केंद्रों और पाइपलाइनों को निशाना बनाए जाने के बाद रूस ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। इन हमलों के कारण रूस के कई हिस्सों, जिनमें राजधानी मॉस्को भी शामिल है, में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसी पृष्ठभूमि में रूस ने यूक्रेन के औद्योगिक और रणनीतिक महत्व वाले शहरों को निशाना बनाया।

हमलों के बाद यूक्रेन के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। औद्योगिक प्रतिष्ठानों और नागरिक बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित शहरों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है और आपातकालीन सेवाएं मलबा हटाने तथा घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटी हैं।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए मजबूत एंटी-बैलिस्टिक रक्षा प्रणाली की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने यूरोपीय देशों से अपील की कि वे आधुनिक मिसाइल रक्षा प्रणाली विकसित करने और यूक्रेन की सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाएं। जेलेंस्की ने कहा कि ऐसे हमलों को रोकने के लिए उन्नत रक्षा तकनीक ही सबसे प्रभावी उपाय है।

दूसरी ओर, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उच्चस्तरीय बैठक में स्वीकार किया कि यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण रूस के कुछ क्षेत्रों में ईंधन आपूर्ति प्रभावित हुई है। हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार जल्द ही स्थिति पर नियंत्रण पा लेगी और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 16 हजार से अधिक यूक्रेनी नागरिकों की मौत हो चुकी है। वहीं पश्चिमी देशों का मानना है कि हाल के महीनों में युद्ध का स्वरूप तेजी से बदला है। अब दोनों देशों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमलों की तीव्रता लगातार बढ़ रही है, जिससे नागरिक आबादी और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता पर भी इसका व्यापक असर पड़ सकता है।